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आज का पंचांग 5 नवंबर 2026: शुभ मुहूर्त, राहुकाल और व्रत-त्योहार






आज का पंचांग – 5 नवंबर 2026, गुरुवार | दैनिक वैदिक एवं ज्योतिषीय विवरण


आज का पंचांग एवं विशेष ज्योतिषीय अपडेट

दिनांक: 5 नवंबर 2026 | वार: गुरुवार | विक्रम संवत 2083 | कार्तिक कृष्ण पक्ष

1. आज का पंचांग परिचय (Overview)

वैदिक सनातन परंपरा में दैनिक कार्य-व्यवहार, धार्मिक अनुष्ठान, व्यापारिक निर्णयों तथा यात्रादि के शुभारंभ हेतु पंचांग का अवलोकन अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना गया है। पंचांग पाँच प्रमुख अंगों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण से मिलकर बनता है।

आज 5 नवंबर 2026, दिन गुरुवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि (रमा एकादशी / गोवत्स द्वादशी का विशेष संयोग) प्रातकाल 10:35 AM तक व्याप्त रहेगी, तत्पश्चात द्वादशी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा। नक्षत्रों के क्रम में आज उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र विद्यमान है।

2. पंचांग के मुख्य घटक (Core Panchang Elements)

घटक (Element) विवरण (Details)
तिथि (Tithi) कार्तिक कृष्ण पक्ष एकादशी (प्रातः 10:35 AM तक), तत्पश्चात द्वादशी
वार (Day) गुरुवार (बृहस्पतिवार / Lord Vishnu & Jupiter)
नक्षत्र (Nakshatra) उत्तर फाल्गुनी (6 नवंबर प्रात: 03:55 AM तक), तत्पश्चात हस्त
योग (Yoga) वैधृति योग (6 नवंबर प्रात: 05:09 AM तक), तत्पश्चात विष्कुम्भ
करण (Karna) बालव (10:34 AM तक), कौलव (10:29 PM तक), तत्पश्चात तैतिल
सूर्योदय / सूर्यास्त सूर्योदय: 06:35 AM | सूर्यास्त: 05:33 PM (स्थानीय समय अनुसार परिवर्तन संभव)
चंद्रोदय / चन्द्रास्त चन्द्रास्त: दोपहर 03:15 PM | चंद्र राशि: सिंह
संवत एवं अयन विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि) | शक संवत: 1948 (पराभव) | अयन: दक्षिणायन

3. आज के शुभ एवं अशुभ मुहूर्त (Auspicious & Inauspicious Timings)

दिन के दौरान किसी भी नए या मांगलिक कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व शुभ-अशुभ काल का ध्यान रखना वैदिक नियमों के अनुसार लाभदायक माना जाता है।

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शुभ समय (Auspicious Time)

शुभ मुहूर्त प्रकार समय सीमा महत्त्व एवं उपयोग
अभिजित मुहूर्त (Abhijit Muhurat) 11:43 AM – 12:26 PM किसी भी नए कार्य, व्यापार या अनुबंध की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ।
ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat) 04:58 AM – 05:50 AM योग, ध्यान, अध्ययन एवं देव पूजन के लिए सर्वोत्तम।
अमृत काल (Amrit Kaal) 08:36 PM – 10:14 PM शांति, समृद्धि एवं धार्मिक कार्यों के संपादन के लिए शुभ।

अशुभ समय (Inauspicious Time)

अशुभ काल प्रकार समय सीमा सावधानी
राहु काल (Rahu Kaal) 01:38 PM – 03:01 PM इस दौरान नया कार्य प्रारंभ न करें तथा यात्रा से बचें।
यमगण्ड (Yamaganda) 06:36 AM – 07:58 AM महत्त्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर व बड़े वित्तीय निर्णय टालें।
गुलिक काल (Gulika Kaal) 09:20 AM – 10:42 AM नया अनुबंध या वस्तु की खरीदारी से परहेज करें।

4. आज का चौघड़िया (Day & Night Choghadiya)

दिनचर्या में त्वरित यात्रा या आकस्मिक कार्यों के संपादन हेतु चौघड़िया चक्र का उपयोग किया जाता है:

दिन का चौघड़िया (Day Time)

  • शुभ (Shubh): 06:36 AM – 07:58 AM (उत्तम)
  • रोग (Rog): 07:58 AM – 09:20 AM (वर्जित)
  • उद्वेग (Udveg): 09:20 AM – 10:42 AM (वर्जित)
  • चर (Char): 10:42 AM – 12:05 PM (सामान्य)
  • लाभ (Labh): 12:05 PM – 01:27 PM (शुभ)
  • अमृत (Amrit): 01:27 PM – 02:49 PM (उत्तम)
  • काल (Kaal): 02:49 PM – 04:11 PM (अशुभ)
  • शुभ (Shubh): 04:11 PM – 05:33 PM (शुभ)

5. धार्मिक महत्त्व एवं व्रत-त्योहार (Significance & Fasting)

रमा एकादशी एवं गोवत्स द्वादशी

आज कार्तिक कृष्ण एकादशी का विशेष पर्व है, जिसे रमा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इसके साथ ही आज गोवत्स द्वादशी का भी शुभ संयोग बन रहा है।

  • भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की पूजा: रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी (रमा) की संयुक्त पूजा से जीवन में सुख, शांति एवं अपार समृद्धि प्राप्त होती है।
  • गौ माता एवं बछड़े का पूजन: गोवत्स द्वादशी के दिन सवत्सा (बछड़े सहित) गाय का पूजन किया जाता है, जिससे संतान सुख और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
  • विशेष उपाय: गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करें, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें एवं केले के वृक्ष का पूजन करें।

6. आज का दिशा शूल एवं सावधानियां

आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा। अतः दक्षिण दिशा में अनपेक्षित या लंबी दूरी की यात्रा करने से बचें। यदि दक्षिण दिशा की यात्रा अत्यंत आवश्यक हो, तो थोड़ा दही या पीली सरसों का सेवन करके तथा भगवान विष्णु का ध्यान करके ही प्रस्थान करें।

नोट: पंचांगीय गणनाएँ सूर्योदय के समय तथा स्थान आधारित देशांतर पर निर्भर करती हैं। आपके स्थानीय शहर अनुसार समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।

© 2026 वैदिक पंचांग एवं ज्योतिष सेवा पोर्टल


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