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मोदी कैबिनेट की गलत नीति और नियत के चलते अर्थव्यवस्था ढहने के कागार पर : स्वामीनाथ जायसवाल

मोदी कैबिनेट की गलत नीति और नियत के चलते अर्थव्यवस्था ढहने के कागार पर : स्वामीनाथ जायसवाल

भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथ जयसवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल के जरिए सरकार चलाने के लिए जबरदस्ती लोगों की जेब से पैसा लिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले 4-5 सालों के आर्थिक कुप्रबंधन की वजह से ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं.

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जयसवाल ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी की वजह से भारतीय अर्थव्यस्था को बुरी तरह नुकसान हुआ. कोरोना आने के बाद अर्थव्यवस्था धराशायी हो गई. सरकार के पास अब पैसा नहीं है. पेट्रोल और डीज़ल के जरिए सरकार चलाने के लिए वो ज़बरदस्ती आपकी जेब से पैसे ले रहे हैं.
इसके साथ ही उन्होंने कहा, “पिछले 4-5 सालों के आर्थिक कुप्रबंधन की वजह से ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं. आपको एक रणनीति की जरूरत है. यह वह जगह है जहां हम एक समस्या में घिरे हैं. कुप्रबंधन काफी गहरा है. भारत के लिए इससे बाहर आना मुश्किल होगा.”अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में कमी के बावजूद पेट्रोल व डीज़ल के मूल्य में वृद्धि को लेकर किए गए सवाल पर जायसवाल ने कहा, “हमारा मानना है कि अर्थव्यवस्था को शुरू करने का तरीका यह है कि उपभोग शुरू किया जाए. लोगों को पैसा देने से वे चीज़ों का उपभोग करना और सामान खरीदना शुरू कर देंगे.” उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के काम करने के लिए सद्भावना का माहौल होना अनिवार्य है।
स्वामीनाथ जयसवाल ने कहा, “ आपको सद्भाव, शांति और सुकून की जरूरत है और आपको एक रणनीति चाहिए. इसी वजह से समस्या है.” जायसवाल ने कहा, मोदी सरकार ने विशेषज्ञों की सलाह को नजरअंदाज कर दिया था, इसने ऑक्सीजन, चिकित्सा और वेंटिलेटर के लिए आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने से इनकार कर दिया. सरकार हमारे लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए समय पर टीकों के लिए पर्याप्त आदेश देने में भी विफल रही. इसके बजाय, सरकार ने जानबूझकर गैर-जरूरी परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये आवंटित करने का विकल्प चुना जिसका लोगों की भलाई से कोई लेना-देना नहीं है.

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