
समितियों के माध्यम से 6.71 लाख क्विंटल से अधिक जैविक खाद का उठाव : जैविक खेती को लेकर किसानों का रूझान बढ़ा
राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता एवं कृषि लागत को कम करने के उद्देश्य से किसानों द्वारा अब वृहद पैमाने पर जैविक खाद का उपयोग शुरू कर दिया गया है। गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में क्रय किए गए गोबर से निर्मित वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट खाद का उपयोग राज्य के किसान करने लगे हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 5 लाख 44 हजार 159 क्विंटल से अधिक वर्मी कम्पोस्ट तथा 1 लाख 27 हजार 37 क्विंटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट का उठाव किसानों द्वारा किया गया है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि गौठानों में गोधन न्याय योजना के तहत 2 रूपए किलो में गोबर क्रय कर इसके जरिए वृहद पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट खाद का निर्माण किया जा रहा है। महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा अब तक गौठानों में 7 लाख 16 हजार 99 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तथा 3 लाख 1 हजार 903 क्विंटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट खाद तैयार की जा चुकी है, जिसमें से 6 लाख 71 हजार 196 क्विंटल से अधिक जैविक खाद का उठाव किसानों द्वारा किया गया है।












