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देश-दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ में खुला राम वन गमन मार्ग : छत्तीसगढ़ के जनमन में रचे बसे हैं राम: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

देश-दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ में खुला राम वन गमन मार्ग : छत्तीसगढ़ के जनमन में रचे बसे हैं राम: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

संस्कृति के गढ़ के रूप में बन रही छत्तीसगढ़ की पहचान

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने चन्दखुरी में माता कौशल्या मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य का किया लोकार्पण

राम वन गमन पर्यटन परिपथ का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

तीन दिवसीय उद्घाटन समारोह का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आगाज

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों और मानस मंडलियों ने दी आकर्षक प्रस्तुतियां

रायपुर 07 अक्टूबर 2021भगवान राम जिस वन पथ पर चलकर मर्यादा पुरूषोत्तम कहलाए आज छत्तीसगढ़ में वह वन पथ देश-दुनिया के लिए खुल गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज मां कौशल्या की नगरी चंदखुरी में राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना के प्रथम चरण का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय भव्य समारोह का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भगवान राम का छत्तीसगढ़ से बड़ा गहरा नाता है। भगवान राम हम छत्तीसगढ़ियों के जीवन और मन में रचे बसे हैं। सोते-जागते, एक-दूसरे का अभिवादन करते, सुख हो अथवा दुख हर पल हम छत्तीसगढ़िया लोग भगवान राम का सुमिरन करते हैं। हम छत्तीसगढ़िया लोग, भगवान राम को माता कौशल्या के राम, भांचा राम, वनवासी राम, शबरी के स्नेही और दयालु राम के रूप में जानते और मानते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोक निर्माण, गृह एवं पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने की।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भगवान राम का छत्तीसगढ़ के जन जीवन, लोक संस्कृति, लोक गीत में गहरा प्रभाव देखने और सुनने को मिलता है। भगवान राम ने अपने वनवास की 14 साल की अवधि में से लगभग 10 साल की अवधि छत्तीसगढ़ में व्यतीत की। माता कौशल्या से मिले संस्कार और छत्तीसगढ़ में ग्रामीणों, वनवासियों और किसानों के साथ बिताई अवधि ने उनके व्यक्तित्व को इतनी ऊंचाई दी कि भगवान श्री राम मर्यादा पुरूषोत्तम कहलाए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर माता कौशल्या की नगरी चंदखुरी को प्रणाम करते हुए सभी लोगों को नवरात्रि पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज यहां का वातावरण ऐसा लग रहा है जैसे माता कौशल्या भगवान राम को लेकर मायके चंदखुरी आई है, पूरा दृश्य मनोरम हो गया है। चंदखुरी ही नहीं पूरा छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम का यह प्रताप है कि छत्तीसगढ़िया लोग भांचा को राम के रूप में मानते हैं और उन्हें प्रणाम करते हैं।

मुख्यमंत्री ने चंदखुरी में नवरात्रि पर्व के दौरान तीन दिन तक आयोजित होने वाले रंगारंग सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां तीन दिन तक छत्तीसगढ़ सहित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कलाकार स्तर के कलाकार प्रस्तुति देंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राम वन गमन पर्यटन परिपथ के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी और कहा कि कोरिया जिले के सीतामढ़ी में हरचौका से लेकर सुकमा के रामाराम तक लगभग 2260 किलोमीटर का राम वन गमन पर्यटन परिपथ विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति हमारी पहचान है। इसको आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग, हर समाज के लोगों की आस्था के केन्द्रों को संरक्षित एवं संवर्धित कर रही है। उन्होंने सिरपुर स्थित पुरातात्विक बौद्ध स्थल से लेकर बस्तर अंचल में आदिवासियों की संस्कृति एवं परंपरा से जुडे़े घोटुल और देवगुड़ियों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब संस्कृति के गढ़ के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति यहां की परंपरा, यहां के धार्मिक, पुरातात्विक महत्व के स्थल, पर्यटन स्थल, सरगुजा के रामगढ़ स्थित पांच हजार वर्ष पूर्व की प्राचीन नाट्यशाला को विश्व पटल पर लाने का काम हमारी सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने मां बम्लेश्वरी की नगरी डोंगरगढ़ का उल्लेख करते हुए कहा कि हम धार्मिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थलों को सुन्दर बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में राम राज और महात्मा गांधी के सपनों को साकार करना है। यहां सुख-शांति बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग रंग में भंग डालने की कोशिश कर रहे हैं। वह कभी सफल नहीं होंगे। यह धरती भगवान श्री राम का ननिहाल और संतों की है। सहनशीलता और प्रेम की धरती है।

लोक निर्माण, गृह एवं पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने छत्तीसगढ़ में भगवान श्री राम के वन गमन के स्मृति को संजोने के लिए राम वन गमन पर्यटन परिपथ के विकास एवं निर्माण के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पूरे देश के राम और रामायण से जुड़े लोगों की ओर से बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बावजूद भी छत्तीसगढ़ में जनसुविधा के रिकार्ड काम हुए हैं। राम वन गमन पर्यटन परिपथ का काम भी लगातार जारी रहा है। आज चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर के जीर्णाेंद्धार एवं परिसर के सौंदर्यीकरण के कार्य का लोकार्पण होने जा रहा है।

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नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया और खाद्य और संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया और कहा कि भगवान श्री राम के वन गमन की स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए राम वन गमन पर्यटन परिपथ के विकास का अद्वितीय काम छत्तीसगढ़ में हो रहा है। यह जस का काम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथों होना लिखा था। यह भगवान राम की कृपा है। वह जिसे चाहते हैं, उससे काम कराते हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्रीगण, सांसदगण, संसदीय सचिव, विधायगण, निगमों एवं मण्डलों के पदाधिकारी एवं हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस मौके पर पद्म कबीर बंधु द्वारा प्रस्तुत भजन एवं प्रथम दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के सूत्रधार आशीष विद्यार्थी के मार्गदर्शन में प्रस्तुत नंद कुमार साहू की मानस मण्डली द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम का रसास्वादन किया।

भगवान श्री राम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण

चंदखुरी के प्राचीन माता कौशल्या मंदिर पहुंचकर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विधिविधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भगवान श्री राम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा का लाईट के माध्यम से अनावरण किया। गौरतलब है कि कौशल्या माता मंदिर का जीर्णाेद्धार एवं परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य 15 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है। वैश्विक पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित किए जा रहे मंदिर परिसर में 51 फीट ऊंची श्रीराम प्रतिमा स्थापित की गई है। साथ परिसर में भव्य गेट, मंदिर के चारांे ओर तालाब का सौंदर्यीकरण, आकर्षक पथ निर्माण, वृक्षारोपण किया गया है। मंदिर चारों ओर से मनमोहक उद्यानों से घिरा है, तालाब के मध्य में शेषनाग शैय्या पर शयन मुद्रा में भगवान विष्णु के चरण दबाते मां लक्ष्मी की आकर्षक प्रतिमा है, दूसरी ओर समुद्र मंथन के दृश्य को प्रतिबिंबित करती हुई देव-दानवों की मूर्तियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं।

राम वन गमन पर्यटन परिपथ के पग-पग पर होंगे भगवान श्रीराम के दर्शन

छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम के वनवास काल से जुड़े स्थलों को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रारंभ की गई राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना का आज मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम के ननिहाल के रूप में सम्पूर्ण विश्व में अपनी अलग पहचान रखता है। इस पर्यटन परिपथ के कोरिया जिले से सुकमा तक कदम-कदम पर भगवान श्रीराम के दर्शन होंगे और उनसे जुड़ी महत्व की कथाएं देखने और सुनने को मिलेंगी। राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना में सीतामढ़ी हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (सरगुजा), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर) और रामाराम (सुकमा) का 133 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से पर्यटन की दृष्टि से विकास का कार्य किया जा रहा है। इस पर्यटन परिपथ के माध्यम से राज्य में न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन के नए वैश्विक अवसर बढ़ेंगे।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल द्वारा आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री गुरू रूद्र कुमार, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, लोकसभा सांसद श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महंत डॉ. राम सुंदर दास, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरिश देवांगन, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, संसदीय सचिव चिन्तामणि महराज, विकास उपाध्याय, विधायक सत्यनारायण शर्मा, धनेन्द्र साहू, बृजमोहन अग्रवाल, श्रीमती अनीता शर्मा, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष श्रीमती चित्रलेखा साहू, सदस्य नरेश ठाकुर, निखिल द्विवेदी, जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा, जनपद अध्यक्ष आरंग खिलेश देवांगन, सदस्य दिनेश ठाकुर, नगर पंचायत चन्दखुरी अध्यक्ष रविशंकर धीवर, कौशल्या माता मंदिर समिति के अध्यक्ष गालव साहू, विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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