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भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक संगठित असंगठित कामगारों मजदूरों श्रमिकों के मदद के लिए तत्पर तैयार रहेगा !: दीपक श्रीवास

भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक संगठित असंगठित कामगारों मजदूरों श्रमिकों के मदद के लिए तत्पर तैयार रहेगा:दीपक श्रीवास

राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव दीपक श्रीवास ने कहा की देश के सबसे ज्यादा युवा वर्ग के बेरोजगार नही है। ये शर्म की बात है एक तो वैसे ही कोरोनावायरस महामारी और देशभर में लागू लॉकडाउन के कारण भारत के 40 करोड रोजगार पर खतरा मंडरा रहा है दीपक श्रीवास ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करीब 40 करोड़ लोग गरीबी में सकते हैं उससे अनुमान लगाया है कि दुनिया भर में 195 करोड लोगों की नौकरी आ जा सकती है अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने अपनी रिपोर्ट में कोरोनावायरस से उपजे हालात के बारे में बताया कि लोगों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है और यह दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे भयानक संकट बताया है। तथा दीपक श्रीवास ने कहा कि विकसित और विकासशील दोनों अर्थव्यवस्थाओं में श्रमिक और व्यापारियों कोतमा का सामना करना पड़ रहा है और एक साथ निष्पक्ष कदम उठाने पढ़ेंगे पता दीपक ने कहा कि नाइजीरिया और ब्राजील मैं लोक डाउन व अन्य उपायों से बड़ी संख्या में असंगठित अर्थव्यवस्था पहले श्रमिक प्रभावित हुए हैं भारत में ऐसे रोजगार के तहत 90 फ़ीसदी लोग आते हैं इसमें से करीब 40 करोड़ श्रमिकों के सामने अब गरीबी का संकट है तथा भारत में लागू किए।

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आईएलओ के अनुसार भारत उन देशों में से एक है जो स्थिति से निपटने को लेकर कम तैयार हैं। जिनीवा में जारी आईएलओ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘कोरोनावायरस के कारण असंगठित क्षेत्र में काम करनेवाले करोड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। भारत, नाइजीरिया और ब्राजील में लॉकडाउन के कारण अंसगठित क्षेत्र में काम करनेवाले कामगारों पर ज्यादा असर पड़ा है।’ रिपोर्ट के अनुसार, ‘भारत में करीब 90 फीसदी लोग इनफॉर्मल सेक्टर में काम करते हैं। ऐसे में करीब 40 करोड़ कामगारों के रोजगार और कमाई प्रभावित होने की आशंका है। इससे वे गरीबी के दुष्चक्र में फंसते चले जाएंगे।’

दीपक श्रीवास ने कहा भारत में मौजूदा लॉकडाउन का इन कामगारों पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। कामकाज बंद होने से उनमें से कई अपने गांवों को लौट गए हैं।’ आईएलओ ने कहा कि वैश्विक स्तर पर इस महामारी से कामकाजी घंटों और कमाई पर प्रभाव पड़ा है। आईएलओ की रिपोर्ट में सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों के बारे में बताया गया है और संकट से पार पाने के लिए नीतिगत उपायों का सुझाव दिया गया है। तथा इस संकट के कारण 2020 की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में 6.7 फीसदी कामकाजी घंटे खत्म होने की आशंका है। यानी कोरोनावायरस महामारी के कारण केवल दूसरी तिमाही में ही 19.5 करोड़ फुल टाइम जॉब्स खत्म हो सकती है।

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