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अंबिकापुर : अंततोगत्वा विरोध प्रदर्शन व 10के अल्टिमेटम के बाद कोरोना योद्वाओं।

अंततोगत्वा विरोध प्रदर्शन व 10के अल्टिमेटम के बाद कोरोना योद्वाओं

को आंशिक सफलता मिली, सीधी भर्ती बंद कर, सेवा का फल मिले
रायपुर। छत्तीसगढ राज्य में कारोना काल में स्वास्थ विभाग के प्रदेश स्थित सभी जिलों में‘‘राज्य आपदा मोचन निधि‘‘ के तहत अस्थाई रूप से नियुक्त स्टाफ नर्स, लैब टैक्निशियन, सफाई कर्मी, जिनकी नियुक्तियां 6 माह पूर्व की गई थीं, उनकी सेवा 31 मार्च से समाप्त करने के निर्णय के विरोध में रायपुर राजधानी में 20 मार्च को एक दिवसीय प्रांतव्यापी धरना रैली व सेवा समाप्ति का निर्णय वापस न लेने पर 10 दिन का अनिश्चिितकालिन आंदोलन हेतु राज्य सरकार को अल्टिमेटम देने के बाद इनकी सेवाएं 31 मार्च से आगामी 03 माह के लिए वृद्वि कर दी गई है। इस निर्णय से इन कोरोना योद्वाओं को कुछ राहत जरूर मिली है। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संध ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बधेल, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चैबे व स्वास्थ मंत्री श्री टी.एस.सिंहदेव के प्रति आभार व्यक्त किया गया है।
संध के प्रांताध्यक्ष विजय कुमार झा, जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन, ने बताया है कि कोरोना योद्वाओं का सम्मान करने की बजाय सेवा समाप्त कर अपमानित किए जाने के विरोध में बलौदाबाजार जिले में तद्पश्चात् रायपुर राजधानी में धरना प्रदर्शन रैली के माध्यम से अपना आक्रोष शासन के समक्ष व्यक्त किया गया है। सेवा समाप्ति के निर्णय को वापस न लेने पर होली के बाद राजधानी में अनिश्चितकालिन आंदोलन करने का निर्णय धरना स्थल पर ही ले लिया गया था। प्रदेश में कोरोना योद्वाओं के साथ ‘‘यूस एण्ड थ्रो‘‘ की की नीति की निंदा की गई थीं। यद्वपि प्रदेश के 26 जिलों में माइक्रोबायोलाजिस्ट के 17 पदों, 893 स्टाफ नर्स, 329 लैब टेक्निशियन, 53 डाटा एट्री आपरेटर, 22 लैब अटेंडेंट, 69 चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों, 242 स्वीपर कुल 1625 संविदा सेवकों की सेवाएं संचालक स्वास्थ सेवाएं ने 03 माह की संविदा सेवा वृद्वि बढ़ाने का आदेश प्रसारित कर दिया है। एक पड़ाव है मंजिल नहीं है। फिर भी 03 माह वेंटिलेशन से निकलकर आॅक्सीजन मिलने से संविदा स्वास्थ कर्मी अपने आपमें राहत महसूस करते हुए मुख्यमंत्री से मांग किये है कि स्वास्थ विभाग में सीधी भर्ती पर तत्काल रोक लगाकर संकटकाल में सेवा का फल इन योद्वाओं को मिलना चाहिए। संध को ऐसी जानकारी मिली है कि ऐसे ही सेवा समाप्ति का फरमान् दुर्ग व बालोद जिले में भी की गई है। संध के बलौदाबाजार प्रतिनिधियों ने चर्चा के दौरान स्वास्थ मंत्री ने कहा था कि ‘‘आपदा समाप्त-सेवा समाप्त‘‘ होगा। इसके बाद से ही देश व प्रदेश में कोरोना का विकराल रूप प्रगट होने लगा। अंततोगत्वा राज्य सरकार को प्रदेश के 1625 संविदा स्वास्थ सेवकों की सेवावधि 03 वृद्वि करनी पड़ी है। प्रांतीय उपाध्यक्ष अजय तिवारी, महामंत्री उमेश मुदलियार, संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा एवं स्वास्थ संयोजक संध के प्रांतीय अध्यक्ष टार्जन गुप्ता, आलोक जाधव, जवाहर यादव, विमलचंद्र कुण्डू, सुरेन्द्र त्रिपाठी, बलौदाबाजार अध्यक्ष व प्रांतीय सचिव गंगाराम धिवर, रायगढ़ अध्यक्ष शिव कुमार दुर्ग अध्यक्ष अजमत सिद्विकी, राजनांदगांव अध्यक्ष सुरूचि वर्मा, स्टाफ नर्स नेता रेणु हिना, हेमलता सिंग, आदि नेताओं ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ मंत्री से कारोना योद्वाओं का सम्मान् करते हुए इनके नियमितिकरण का मार्ग प्रशस्त करते हुए चुनावी धोषणापत्र का पालन करने की मांग की है।

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