
चरखे पर सवाल गांधी के सिद्धांतों के खिलाफ: RSS-BJP पर टी.एस. सिंहदेव का तीखा हमला
पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने RSS प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधते हुए कहा कि चरखे पर सवाल उठाना गांधीजी के सत्य, अहिंसा और स्वदेशी आंदोलन के खिलाफ है। उन्होंने RSS पर अंग्रेजी सत्ता से तालमेल का आरोप लगाया।
अंबिकापुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में सिंहदेव ने कहा कि आज मोहन भागवत को चरखे की शक्ति का एहसास दिलाना जरूरी है, क्योंकि चरखा केवल कपड़ा नहीं, बल्कि सत्य, अहिंसा और स्वदेशी की प्रतीक शक्ति है।
टी.एस. सिंहदेव ने महात्मा गांधी के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि जब ब्रिटिश साम्राज्य दुनिया के 25 प्रतिशत हिस्से पर राज करता था और भारत को अपने 40 प्रतिशत उत्पादों, खासकर कपड़ा उद्योग, का बाजार बनाए बैठा था, तब गांधीजी ने अंग्रेजी कपड़ों के बहिष्कार का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बापू ने एक धोती में जीवन स्वीकार कर करोड़ों भारतीयों को त्याग और स्वदेशी से जोड़ा, जिससे यह आंदोलन आज़ादी का जनांदोलन बन गया। बिना हिंसा के इस आंदोलन में छात्र, महिलाएं, व्यापारी और मजदूर सभी शामिल हुए और ब्रिटिश उद्योगों की नींव हिल गई।
सिंहदेव ने आरोप लगाया कि चरखे पर सवाल उठाना RSS का सुनियोजित षड्यंत्र है, क्योंकि जब गांधी स्वराज के लिए जेल जा रहे थे, तब RSS अंग्रेजी सत्ता से तालमेल में थी।
उन्होंने कहा कि गांधी को मूर्तियां नहीं चाहिए थीं, बल्कि वे चाहते थे कि देश सत्य, अहिंसा और आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चले। लेकिन आज BJP-RSS इन मूल्यों से भटककर असत्य और हिंसा के सहारे देश चलाना चाहती है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।










