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उन्नत कृषि: राजनांदगांव के किसान मयाराम साहू ने मक्के की खेती में बनाया रिकॉर्ड, प्रति एकड़ 35 क्विंटल पैदावार | Pradesh Khabar






उन्नत कृषि से समृद्धि: छत्तीसगढ़ के किसान मयाराम साहू ने मक्के की खेती में रचा इतिहास | Pradesh Khabar News


उन्नत कृषि से समृद्धि: मोर कुटुंभ के किसान मयाराम साहू ने मक्के की खेती में रचा इतिहास, प्रति एकड़ 35 क्विंटल की पैदावार

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ की माटी अब केवल धान का कटोरा ही नहीं, बल्कि विविध फसलों के माध्यम से स्वर्ण उगलने वाली भूमि बन रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कृषि-केंद्रित दूरदर्शी नीतियों ने किसानों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। राजनांदगांव जिले के किसान अब पारंपरिक खेती की रूढ़ियों को तोड़कर आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपना रहे हैं।

इसी गौरवशाली बदलाव की एक मिसाल पेश की है छुरिया विकासखंड के ग्राम मौरकुटुंभ के प्रगतिशील किसान मयाराम साहू ने। भाजपा किसान मोर्चा के जिला प्रकल्प संयोजक के रूप में सक्रिय मयाराम साहू ने अपनी 12 एकड़ की कृषि भूमि पर मक्के की ऐसी फसल उगाई है, जिसने पूरे जिले के कृषि विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

विशेषज्ञों की टीम ने किया फसल का सूक्ष्म निरीक्षण

मयाराम साहू की इस अभूतपूर्व सफलता का समाचार मिलते ही भाजपा किसान मोर्चा के वरिष्ठ विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय टीम उनके खेत पहुँची। इस टीम का नेतृत्व किसान मोर्चा प्रकल्प संयोजक एवं पूर्व डीडीओ एस. के. सिंह ने किया। विशेषज्ञों ने फसल की गुणवत्ता, दाने के भराव और पौधों की सेहत का बारीकी से तकनीकी निरीक्षण किया।

निरीक्षण के मुख्य बिंदु:

  • आधुनिक बीज चयन और मृदा परीक्षण के आधार पर खाद का प्रबंधन।
  • प्रति एकड़ 35 क्विंटल मक्के की रिकॉर्ड तोड़ पैदावार।
  • उन्नत सिंचाई प्रणाली और कीट प्रबंधन का सटीक उपयोग।

निरीक्षण के बाद एस. के. सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मयाराम साहू ने जो उपलब्धि हासिल की है, वह कृषि क्षेत्र में एक ‘बेंचमार्क’ है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक रूप से किसान धान पर निर्भर रहते हैं, लेकिन यदि मक्के जैसी फसलों को वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ लगाया जाए, तो न केवल लागत कम होती है, बल्कि मुनाफा भी कई गुना बढ़ जाता है।

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रवि सिन्हा का बयान: “किसानों की आय दोगुनी करना ही भाजपा का संकल्प”

इस अवसर पर जिला भाजपा सह-प्रवक्ता एवं नगर निगम पार्षद रवि सिन्हा (अध्यक्ष, जनभागीदारी समिति, विज्ञान कॉलेज) ने किसान की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का सपना है कि देश का अन्नदाता केवल उत्पादन करने वाला ही नहीं, बल्कि उद्यमी भी बने। छत्तीसगढ़ में साय सरकार की प्राथमिकता किसानों की इनपुट लागत को कम करना और उनकी आय के स्रोतों को बढ़ाना है।”

“मयाराम साहू जैसे प्रगतिशील किसान आज के युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं। वे साबित कर रहे हैं कि खेती घाटे का सौदा नहीं, बल्कि सबसे सम्मानजनक और लाभप्रद व्यवसाय है।” – रवि सिन्हा
वरिष्ठ नेताओं और क्षेत्रीय किसानों में भारी उत्साह

किसान मेल-मुलाकात के इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय राजनीति और कृषि क्षेत्र के कई दिग्गज शामिल हुए। वरिष्ठ भाजपा नेता और किसान नेता पन्ना लाल जैन ने मयाराम साहू के उन्नत कृषि मॉडल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे सफल प्रयोगों से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती आएगी।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ओबीसी मोर्चा के पूर्व प्रदेश सह-सोशल मीडिया प्रभारी एवं किसान मोर्चा जिला सदस्य रमेश सोनवानी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य किसान उपस्थित रहे। उपस्थित किसानों ने मक्के की फसल के प्रबंधन के बारे में मयाराम साहू से जानकारी ली और अपनी जमीन के कुछ हिस्सों पर मक्के की खेती शुरू करने का संकल्प भी लिया।

दादूराम सोनकर के नेतृत्व में नवाचार की नई लहर

वर्तमान में किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष दादूराम सोनकर के मार्गदर्शन में जिला किसान मोर्चा लगातार जमीनी स्तर पर सक्रिय है। मोर्चा के सदस्य गांवों का दौरा कर रहे हैं ताकि सरकार की योजनाओं—जैसे किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना और आधुनिक कृषि उपकरणों पर मिलने वाली सब्सिडी—का लाभ अंतिम छोर के किसान तक पहुँचाया जा सके।

दादूराम सोनकर के नेतृत्व में मोर्चा का लक्ष्य जिले के प्रत्येक ब्लॉक में ‘प्रगतिशील किसान क्लस्टर’ तैयार करना है, जिससे आधुनिक कृषि तकनीकों का तेजी से प्रचार-प्रसार हो सके और राजनांदगांव जिला कृषि नवाचार में पूरे प्रदेश में अग्रणी बने।

मयाराम साहू की सफलता के 3 प्रमुख सूत्र:

1. फसल विविधीकरण: धान के विकल्प के रूप में मक्के का चुनाव।
2. समयबद्ध प्रबंधन: सही समय पर बुआई और खाद का संतुलित उपयोग।
3. सरकारी मार्गदर्शन: कृषि विभाग और सरकार की नीतियों का समुचित लाभ उठाना।

यह जानकारी भाजपा किसान मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी सतीश यादव द्वारा साझा की गई है। इस सफलता ने क्षेत्र के किसानों में एक नया जोश भर दिया है और मक्के की यह ‘सुनहरी फसल’ अब राजनांदगांव के किसानों की समृद्धि का प्रतीक बन गई है।


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