ई स्टांपिंग से समय की बचत, पारदर्शिता और पंजीयन कार्य हुआ आसान।

धमतरी : ई स्टांपिंग से समय की बचत, पारदर्शिता और पंजीयन कार्य हुआ आसान

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ज़िले में अप्रैल 2021 से फरवरी तक 12 हजार 654 ई स्टांप की बिक्री से शासन को हुआ 19 करोड़ 83 लाख से अधिक का मुनाफा

ई-स्टांपिंग एक ऐसी सुविधा है, जो पंजीयन काम को आसान, पारदर्शी और समय की बचत कर रहा है। यह कहना है कुरूद के व्यवसायी श्री नरेश केला का। आज की तारीख में एक रुपए से लेकर करोड़ों रुपए का ई-स्टांप उपलब्ध है। दरअसल स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा ई-स्टांपिंग की सुविधा पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में दी जा रही है। ई-स्टांपिंग प्रणाली लागू होने से स्टैंपों की छपाई, परिवहन व्यय और शासन को कमीशन के तौर पर भी काफी बचत हो रही है।

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ज़िला पंजीयक बताते हैं कि पंजीयन कार्यालयों में प्रस्तुत दस्तावेजों के संबंध में पंजीयन के दौरान ई-स्टांप प्रमाण पत्र का परीक्षण कर उक्त सर्टिफिकेट को लॉक कर दिया जाता है। इससे उक्त स्टांप का दोबारा उपयोग नहीं किया जा सकता। यह एक तरह से फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाता है। इस प्रणाली के लागू होने से नकली स्टांप के प्रचलन पर भी रोक लगी है। आम जनता भी ई स्टांप को इंटरनेट के जरिए सत्यापित करा सकती है। ई-स्टांप प्रमाण पत्र के लिए विभिन्न बैंक, स्टांप वेंडर्स को एसीसी नियुक्त किया गया है। इसके लिए 13 लोक सेवा केंद्रों को भी अधिकृत किया गया है। ज़िले में अप्रैल 2021 से फरवरी 2022 तक 12 हजार 654 ई स्टांप की बिक्री हुई, जिससे शासन को 19 करोड़ 83 लाख 40 हजार 672 रुपए की आय हुई। ई-स्टांप की सुविधा से अब भौतिक रूप से स्टांप की कमी से जूझना नहीं पड़ता और बेवजह दस्तावेजों में बहुत सारे स्टांप लगाने की बजाए महज एक पन्ने में जरूरत के हिसाब से ई-स्टांप लगाया जा सकता है।

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