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कांकेर जिले में नियमित रूप से ग्रामीण सचिवालयों का आयोजन

उत्तर बस्तर कांकेर : कांकेर जिले में नियमित रूप से ग्रामीण सचिवालयों का आयोजन

ग्रामीणों को अपने ग्राम पंचायत में ही मिल रहा, सुविधाओं का लाभ, अब तक 11 हजार आवेदनों का निराकरण

ग्राम स्तरीय प्रशासन को आम जनता से सीधे जोड़ने और पारदर्शी तथा संवेदनशील बनाने के लिए जिले के सभी 454 ग्राम पंचायतों में ‘‘ग्रामीण सचिवालय’’ की शुरूआत माह जुलाई 2021 से किया गया है। ग्रामीण सचिवालय का उद्देश्य आम आदमी को शासन-प्रशासन की ओर नजदीक लाना है। ग्रामीण सचिवालय की इस व्यवस्था के बाद ग्रामीणों को अपनी समस्याओं, मांगो एवं आवेदन पत्र देने के लिए जिला कार्यालय व तहसील कार्यालय तक जाना नहीं पड़ रहा है। ग्रामीण सचिवालय के माध्यम से एक ओर जहॉ ग्रामीणों की हर छोटी-बड़ी समस्याओं का मौके पर निपटारा हो रहा है, वहीं ग्राम स्तरीय प्रशासन में ग्रामीणों की भागीदारी भी सुनिश्चित हो रही है, इससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है। जिले में माह जुलाई 2021 से माह सितम्बर तक 9072 ऑफलाईन आवेदनों का निराकरण किया गया तथा अब तक 2300 ऑनलाईन आवेदन प्राप्त हुई है, जिसमें से 1796 आवेदनों का निराकरण किया गया है, शेष 504 आवेदन के निराकरण प्रक्रियाधीन है। ग्रामीण सचिवालय में प्राप्त आवेदन पत्रों की एन्ट्री मोबाईल एप में की जाती है तथा प्राप्त आवेदन पत्रों के निराकरण हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रेषित की जाती है तथा कलेक्टर श्री चन्दन कुमार द्वारा ग्रामीण सचिवालय में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की समय-सीमा की बैठक में नियमित रूप से समीक्षा किया जाता है।
जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण सचिवालय के लिए ग्राम पंचायत के सचिव को समन्वयक बनाया गया है, जो ग्रामीण सचिवालय के लिए भी सचिव का कार्य कर रहे हैं। सभी ग्राम पंचायतों में सप्ताह के 01 दिन ग्रामीण सचिवालय आयोजित की जाती है, जिसमें ग्रामीण अधिकारी, सचिव ,पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, हैण्डपम्प मैकेनिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, वनरक्षक, मितानीन, लाईनमेंन, रोजगार सहायक आदि ग्राम स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहते हैं। उनके द्वारा ग्रामीण सचिवालय में जनता से प्राप्त शिकायत व समस्या संबंधी आवेदनों का निराकरण किया जाता है। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण सचिवालय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो जिला स्तरीय अथवा विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी होते हैं, जिनके द्वारा मॉनीटरिंग किया जाता है।
ग्रामीण सचिवालय में प्राप्त सेंवाएं-जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु पंजीयन, विवाह पंजीयन, अविवादित नामान्तरण, पेंशन, वृ़द्धा पेंशन, विधवा पेंशन का बैंक सखियों के द्वारा मौके पर ही वितरण, नये पेंशन प्रकरणों की स्वीकृति, गांव में हैण्डपम्प, बिजली से संबंधित शिकायतों का निराकरण, ग्राम पंचायत में मनरेगा के कार्य एवं अन्य निर्माण कार्यों के मांगो का निराकरण, मनरेगा मजदूरी भुगतान का निराकरण, नये राशन कार्ड बनाना, राशन कार्ड में नये नामों को जोड़ना इत्यादि कार्य संपादित किये जाते हैं, साथ ही शासन की योजनाओं की जानकारी एवं उससे संबंधित हितग्राहियों का चयन भी ग्रामीण सचिवालय में किया जा रहा है।

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