विप्स द्वारा महिला सम्मान समारोह का आयोजन में 151 महिलाओं का सम्मान

विप्स द्वारा महिला सम्मान समारोह का आयोजन में 151 महिलाओं का सम्मान

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नारी न कल अबला थी न आज है जो है वे खुद जिम्मदार है- अमृता सिंह
नारी के बिना संसार की प्रगति की कल्पना असंभव -अमित सक्सेना

विश्रामपुर- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के परिपेक्ष में अयोजित एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के में कार्यरत महिलाओं का संगठन विप्स ने क्षेत्र में कार्यरत 151 महिलाओं का सम्मानित किया।

एसईसीएल के ऑफिसर्स क्लब में आयोजित विश्व वूमेन इन पब्लिक सेक्टर (विप्स) द्वारा आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि की आसंदी से नायब तहसीलदार श्रीमती अमृता सिंह ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि 8 फरवरी 1909 में महिलाओं की एक राजनीति कार्यक्रम से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बीज रोपित होती होती है ।महिलाओं ने मंच से अपनी शक्ति का एहसास विश्व पटल को कराया परिणामतः 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का नामकरण हुआ।अमृता सिंह ने आगे कहा कहा कि सामाजिक आंदोलन की शुरुआत से भले ही अन्य देश अलग-अलग रूपों में महिला दिवस महिलाओं को सशक्तिकरण के लिए मनाता हो लेकिन सत्य बात यह है कि नारी पहले से ही सशक्त है ।यदि जो नारी सशक्त नहीं है उसकी जिम्मेदार वे स्वयं हैं ।पढ़ने लिखने से नारी सशक्त नहीं हो सकती ।उसे कठिन परिश्रम करना होगा। नारी न कभी अबला थी न है। कवियों एवं इतिहासकारों की कविताओं और किताबों में नारी अवश्य ही अबला कहा गया हो परंतु ऐसी नारी नहीं है। नारी जन्म से ही सबला है ।प्रकृति ने उसे खुद सबला बनाया है ।नारी खुद को कमजोर न बताएं ।हर क्षेत्र में अपने बल पर आगे बढ़ रही हैं। सफलता इतिहास लिख रहे हैं। नारी की सफलता नारी की लगन और मेहनत पर निर्भर करता है।

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नारी आदि शक्ति है वर्तमान भी और कल की शक्ति है – महाप्रबंधक
एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक इस आयोजन की अध्यक्षता की आसंदी से कहा कि नारी के बिना घर, परिवार, समाज, देश मजबूत नहीं हो सकता। नारी जननी है ।सृष्टि की निर्मात्री हैं। नारी के बिना घर परिवार देश कि परिकल्पना करना बेईमानी है। महाप्रबंधक ने आगे कहा कि भले ही विश्व ने 19वीं सदी से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाता है परंतु हमारे देश मे 5,000 वर्ष पूर्व से नारी का सम्मान किया जाता है। नारी के बिना विश्व का विकास नहीं हो सकता ।जिस क्षेत्र में हम सब कार्य कर रहे हैं उसकी प्रगति में नारी की महत्वपूर्ण योगदान है ।नारी भारतीय संस्कृति को अक्षुण बनाए रखने में अहम भूमिका निर्वहन कर रही है। नारी की प्रगति में है घर परिवार समाज की प्रगति है। अतः कहा जा सकता है नारी का करो सम्मान तभी बनेगा देश महान। प्राचीन काल से भारतीय महर्षि, ऋषि मुनि जानते थे । महर्षियों की सोच का परिणाम था कि पुराणों और वेदों में 5000 वर्षों से नारी की पूजा होने का प्रमाण है। आज के इस आयोजन में एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र में कार्यरत 151 महिलाओं को सम्मानित किया गया ।
इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों में शिवानी महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती आभा सक्सेना चंद्रानी बोरल ,प्रबंधक कार्मिक आर के तिवारी शामिल थे ।कार्यक्रम को सफल आयोजन में महिलाओं का संगठन विप्स के राखी दास, साधना मिश्रा, स्वप्ना बनर्जी , अतिशी दास, मनमोहन कौर,बबीता सिंह का महत्वपूर्ण योगदान था। संचालन डीएवी पब्लिक स्कूल के शिक्षिका शोभा नामदेव एवं हिंदी कार्यालय अधिकारी सुब्रत पाल एवं संजय कुमार ने किया