रायपुर : सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 : समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले जनसूचना अधिकारी को पच्चीस हजार रूपए का अर्थदण्ड

रायपुर : सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 : समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले जनसूचना अधिकारी को पच्चीस हजार रूपए का अर्थदण्ड

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छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम का पालन नहीं करने और समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले चार जनसूचना अधिकारी पर पच्चीस हजार रूपए का अर्थदंड अधिरोपित किया है। संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिए हैं कि अर्थदंड की राशि संबंधित से वसूली कर शासकीय कोष में जमा कराएं और तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा के विरूद्ध सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(2) के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।

सूचना का अधिकार अधिनियम सरकार और अधिकारियों के कामकाज में सुधार लाने और पारदर्शिता लाने का एक सार्थक प्रयास है। सूचना का अधिकार देश में भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने और अधिकारियों में लालफीताशाही को नियंत्रित करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम होगा। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए पदाधिकारियों का पदों के प्रति जवाबदेह होना जरूरी है। इस अधिनियम के माध्यम से ऐसी व्यवस्था की गई है, जिसके अंतर्गत कोई भी नागरिक लोक प्राधिकारी के कार्यकलापों के संबंध में सूचना प्राप्त कर सके। यदि लोक सूचना अधिकारी द्वारा संबंधित को समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो ऐसे अधिकारियों को, राज्य सरकार द्वारा गठित राज्य सूचना आयोग द्वारा दण्डित किया जा सकता है।

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सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत शरद देवांगन, श्रीराम कालोनी बेलादुला रायगढ़ ने अपने आवेदन दिनांक 25 जनवरी 2018 में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा (जन सूचना अधिकारी) से जिला कोरबा में पदस्थ सहायक शिक्षक (पंचायत), शिक्षक(पंचायत) की सूची की सत्यापित छायाप्रति की मांग की। किन्तु वांछित जानकारी समय पर प्राप्त नहीं होने पर प्रथम अपीलीय अधिकारी को 28 फरवरी 2018 को आवेदन किया। प्रथम अपीललीय अधिकारी ने इस प्रक्ररण में कोई निर्णय नहीं दिया, जिससे क्षुब्ध होकर छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील की।

राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल ने आवेदन का अवलोकन कर अधिनियम के तहत अपीलार्थी और जनसूचना अधिकारी को सुनने के पश्चात अपीलार्थी को समय सीमा में जानकारी नहीं प्रदाय करने एवं आयोग में कोई जबाब प्रस्तुत नहीं करने के साथ ही आयोग के पत्रों का कोई जवाब नहीं देने पर को गंभीरता से लेते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा (तत्कालीन जनसूचना अधिकारी) श्री जी आर बंजारे के विरूद्ध धारा 20(1) के तहत 25 हजार रूपए का अर्थदण्ड के साथ ही सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(2) के तहत कलेक्टर कोरबा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को निर्देशित किया गया है कि तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा (वर्तमान जनसूचना अधिकारी) श्री जी.आर. बंजारे के वेतन/पेंशन से राशि की वसूली कर शासकीय कोष में जमा कराकर आयेग को सूचित करें। संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(2) के तहत प्रथम अपीलीय अधिकारी (मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत) पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।