Advertisement

पर्यटन के विश्व मानचित्र पर होगा छत्तीसगढ़ का नाम

रायपुर : पर्यटन के विश्व मानचित्र पर होगा छत्तीसगढ़ का नाम

छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान दे रहा है श्रीराम वन गमन परिपथ

कोरिया से सुकमा तक 2260 कि.मी. तक हर कदम में होंगे भगवान श्रीराम के दर्शन

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम के ननिहाल के रूप में सम्पूर्ण विश्व में अपनी अलग पहचान रखता है। वनवास काल में श्रीराम ने यहाँ महत्वपूर्ण समय व्यतीत किया, यहां के ऋषि आश्रम, प्रकृति के मध्य वनवास काटा, इसलिए यहाँ की जनश्रुतियों, लोककथाओं, आम जनजीवन में राम रचे-बसे हैं। जनमान्यताओं के सम्मान में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संकल्पना पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा भगवान श्रीराम के ननिहाल प्राचीन दक्षिण कौशल वर्तमान छत्तीसगढ़ में श्रीराम पथ वनगमन परिपथ के रूप में प्राचीनतम महत्व के वैश्विक पर्यटन क्षेत्रों का विस्तार किया जा रहा है।
मान्यता है कि श्रीराम के साथ माता सीता और लक्ष्मण ने 12 साल छत्तीसगढ़ में बिताये थे। जिन जगहों पर भगवान राम आए थे ऐसे 75 स्थानों को चिन्हांकित कर वैश्विक पर्यटन के अनुरूप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में कोरिया से सुकमा तक 2260 किमी की लंबाई तक 9 जगहों को रामायणकाल के वातावरण के अनुकूल विकसित करने का कार्य जारी है। कोरिया जिले से सुकमा तक कदम-कदम पर भगवान श्रीराम के दर्शन होंगे और उनसे जुड़ी महत्व की कथाएं देखने और सुनने को मिलेंगी। राम वन गमन पथ पर्यटन योजना में सीतामढ़ी हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (सरगुजा), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर) और रामाराम (सुकमा) शामिल हैं। लगभग 133 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से इन क्षेत्रों में पर्यटन के विकास का कार्य मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर लगातार जारी है। श्री राम वन गमन पर्यटन परिपथ के माध्यम से राज्य में न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में नए वैश्विक अवसर भी बढ़ रहे हैं। पर्यटन में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही श्री राम वन गमन पथ ग्रामीण अर्थव्यवथा को स्वावलंबी और मजबूत बनाएगा।
इस वर्ष रामनवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री 10 अप्रैल को शिवरीनारायण धाम में श्री राम वन गमन पर्यटन पथ के परियोजना कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इसी अवसर पर शिवरीनारायण में तीन दिवसीय भव्य आयोजन में देश के प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ छत्तीसगढ़ के भी प्रतिष्ठित कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इसमें चयनित 25 जिलों के मानस मंडलियों के लगभग 350 कलाकार शिवरीनारायण में 8,9 और 10 अप्रैल को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रस्तुतियां देंगे। राम वनगमन पर्यटन परिपथ शिवरीनारायण की शुरूआत 8 अप्रैल को महंत डॉ रामसुंदर दास,अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के द्वारा किया जाएगा। 9 अप्रैल को मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत शिवरीनारायण महोत्सव में मौजूद रहेंगे। राम वनगमन पर्यटन परिपथ शिवरीनारायण का समापन 10 अप्रैल को मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू एवं विशिष्ट गणमान्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47