रायपुर : विश्व स्वास्थ्य दिवस पर प्रदेश के 29 आयुर्वेदिक केंद्रों में सियान जतन क्लिनिक की शुरूआत

रायपुर : विश्व स्वास्थ्य दिवस पर प्रदेश के 29 आयुर्वेदिक केंद्रों में सियान जतन क्लिनिक की शुरूआत

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

हर महीने के पहले गुरूवार को लगने वाले सियान जतन क्लिनिक में आज 906 बुजुर्गों का किया गया इलाज

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर आज प्रदेश के 29 आयुर्वेदिक केंद्रों में सियान जतन क्लिनिक की शुरूआत की गई। इन क्लिनिकों में 60 वर्ष से अधिक आयु के 906 बुजुर्गों का इलाज किया गया। सियान जतन क्लिनिक के सिलसिले की शुरूआत आज प्रदेश के दो आयुर्वेदिक महाविद्यालयों के चिकित्सालय, पांच जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय और 22 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में की गई। इन सभी केंद्रों में अब हर महीने के पहले गुरूवार को सियान जतन क्लिनिक लगाया जाएगा।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

आयुष संचालनालय के सहायक संचालक डॉ. विजय साहू ने बताया कि आज रायपुर आयुर्वेदिक कॉलेज चिकित्सालय में आयोजित सियान जतन क्लिनिक में 80 और बिलासपुर के आयुर्वेदिक कॉलेज अस्पताल में 52 बुजुर्गों का उपचार किया गया। दुर्ग जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय में 40, रायगढ़ जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय में 76, बालोद जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय में 92, सरगुजा जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय में दस और बस्तर जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय में 60 वर्ष से अधिक उम्र के 22 मरीजों का इलाज किया गया। वहीं रायपुर, रायगढ़, बालोद, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर, कोरबा, धमतरी, महासमुंद, राजनांदगांव, कबीरधाम, सूरजपुर, कोरिया, जशपुर और कांकेर जिले के 22 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर्स में कुल 534 बुजुर्गों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया।

डॉ. साहू ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की सेहत की देखभाल के लिए एलोपैथिक केंद्रों में सियान जतन क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। इसका विस्तार करते हुए अब आयुर्वेद के माध्यम से वृद्धावस्था में उत्पन्न होने वाले शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं से पीड़ित वृद्धों को विशेष ओपीडी एवं पंचकर्म की सेवाएं राज्य के आयुर्वेदिक अस्पतालों में प्रदान की जाएंगी। सियान जतन क्लिनिक में उपचार के लिए आए बुजुर्गों का विस्तृत विवरण भी संधारित किया जाएगा जिससे कि जरूरत पड़ने पर उनका फॉलोअप भी किया जा सके।