भूमि के पट्टे में नाम दर्ज होने के प्रस्ताव से बेटियों में खुशी की लहर

उत्तर बस्तर कांकेर : भूमि के पट्टे में नाम दर्ज होने के प्रस्ताव से बेटियों में खुशी की लहर

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नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत जामगांव निवासी श्रीमती सावित्रीबाई पति स्व. किशनु द्वारा ग्राम पंचायत में संचालित ग्रामीण सचिवालय में पहुंचकर बेटियों का नाम अपने भूमि के पट्टे पर हिस्सेदारी के रूप में दर्ज कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया। उनके आवेदन को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत सचिवालय जामगांव में उपस्थित पंचायत के सभी सदस्यों के द्वारा प्रस्ताव पारित किया गया। जिससे सावित्रीबाई को तहसील कार्यालय नरहरपुर भटकना नहीं पड़ा और आसानी से अपने भूमि के हिस्सेदारी के रूप में बेटियों का नाम पट्टे में दर्ज कराने का प्रस्ताव को हल्का पटवारी के माध्यम से तहसील कार्यालय नरहरपुर भेजा जायेगा। तहसील कार्यालय नरहरपुर से प्रस्ताव का अनुमोदन होते ही ग्राम पंचायत एवं आवेदिका को पट्टे में नाम दर्ज कराने की सूचना भी दी जायेगी।
आवेदिका श्रीमती सावित्रीबाई के निवेदन पर ग्रामीण सचिवालय में एक ही दिन में प्रस्ताव पारित होने पर खुशी का ईजहार करते हुए कहा कि कलेक्टर चन्दन कुमार ने कांकेर जिले में ग्रामीण सचिवालय को सक्रिय किया है, जिसका फायदा हम जैसे दूरस्थ अंचल के लोगों को मिलने लगा है। भूमि के पट्टे में मेरे बेटियों का नाम हिस्सेदारी के रूप में दर्ज होने पर बेटियों में खुशी की लहर है। उन्होंने बताया कि मेरे एक भी बेटे नहीं होने के कारण मैं अपनी पांच बेटियां हेमबाई, गीताबाई, कविता, कुंती और सुलोचना का नाम भूमि के पट्टे में हिस्सेदारियों के रूप में दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया, इससे भविष्य में मेरी बेटियों को भूमि नामांतरण करवाने में किसी प्रकार की परेशानी नही होगी। इसके लिए मैं जिला प्रशासन को ग्रामीण सचिवालय संचालित कराने के लिए कोटिश बधाई देती हॅू।
गौरतलब है कि कलेक्टर चन्दन कुमार के द्वारा कांकेर जिले में ग्रामीण सचिवालय को सक्रिय किया गया है, जिले के सभी 454 ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से निर्धारित दिवस को ‘‘ग्रामीण सचिवालय’’ आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आम लोगों की स्थानीय समस्याओं का मौके पर ही निराकरण हो रहा है। हैण्डपंप मरम्मत, बिजली की समस्या का निराकरण, सामाजिक सहायता पेंशन प्रकरणों का निराकरण, राशन कार्ड में नाम जोड़ने, फौती, नामांतरण जैसे कार्य भी ग्रामीण सचिवालय में किये जा रहें हैं।