छत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़राज्यसरगुजा

Ambikapur News : राष्ट्रीय ओबीसी महासभा के विभिन्न मांगों के संबंध में कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं अन्य को आठ बिन्दुओं का ज्ञापन सौंपा………….

राष्ट्रीय ओबीसी महासभा के विभिन्न मांगों के संबंध में कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं अन्य को आठ बिन्दुओं का ज्ञापन सौंपा………….

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)

P.S.YADAV/ब्यूरो चीफ/सरगुजा// ओबीसी महासभा प्रदेश इकाई छत्तीसगढ़ के आह्वान पर छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालय, अनुभाग एवं तहसील मुख्यालयों में आठ बिंदुओं पर ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहू के मार्गदर्शन में सरगुजा संभाग के संभागीय प्रवक्ता आनंद सिंह यादव के नेतृत्व में कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री मंत्रालय, भारत सरकार, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, महामहिम राज्यपाल, छत्तीसगढ़ शासन, एवं मुख्यसचिव/पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। इसकी प्रतिलिपि राष्ट्रीय अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग भारत सरकार एवं अध्यक्ष राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग छत्तीसगढ़ शासन रायपुर को सूचनार्थ प्रेषित की गई। प्रदेश अध्यक्ष एवं सरगुजा संभागीय प्रवक्ता ने बताया कि विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की आजादी के बाद से आज देश-प्रदेश के विकास एवं आर्थिक रूप से देश की अर्थ व्यवस्था में रीढ़ की हडडी की तरह अति महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले मतदाता, शासन द्वारा जारी आंकड़ो के अनुसार वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में अन्य पिछड़े वर्ग की लगभग 50 प्रतिशत आबादी निवासरत है, साथ ही वर्तमान में प्रदेश के मुखिया भी ओबीसी वर्ग से ही संबंध रखते है, समान परिस्थितियों के बाबजूद भी ओबीसी वर्ग के प्रबुध्दजनों युवाओं और छात्र-छात्राओं के हितों पर शासन प्रशासन में बैठे अधिकारियों व कर्मचारियों और उच्च न्यायालय में बैठे जातिवादी मानसिकता के न्यायाधीशों द्वारा लगातार कुठारघात किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा है कि शैक्षणिक संस्थाओं एवं सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण देश के शासन और प्रगति में प्रतिनिधित्व और भागीदारी का विषय रहा है। संविधान में आरक्षण की अवधारणा का उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से उनकी जाति के आधार पर आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है, किंतु आजादी के बाद मानवाधिकारों के मूल सिद्धांतों से वंचित कर सामाजिक और शैक्षिक सशक्तिकरण प्रणाली में घोषित आरक्षण के आधार पर समुचित हिस्सेदारी एवं प्रतिनिधित्व सुनिश्चित न कर ओबीसी समाज के साथ अन्याय कर संवैधानिक नियमों की अवहेलना कर ओबीसी वर्ग के आवेदकों को राष्टीय एवं राज्य स्तर के शैक्षणिक संस्थाओं में आरक्षण, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में रोजगार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि लगातार ओबीसी महासभा द्वारा ज्ञापन सौंपा जा रहा है। आज का यह ज्ञापन 8 मुद्दों को लेकर दिया गया, जिसमें राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी की गणना किया जाकर आंकड़ा प्रकाशित किए जाना मुख्य मुद्दा रहा है।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

वास्तव में भारत देश में आजादी के बाद से आज तक ओबीसी की जनगणना राष्ट्रीय जनगणना अधिनियम के तहत नहीं किया जा रहा है। जनगणना फॉर्मेट के कालम नंबर 13 में ओबीसी के लिए पृथक से कोड नंबर नहीं दिया जाना बहुत बड़ा यह प्रश्न है। साथ ही असंवैधानिक क्रीमी लेयर की बाध्यता को समाप्त किए जाएं ,ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण को भारत देश के सभी राज्यों में समान रूप से लागू करने हेतु भारत सरकार अध्यादेश पारित कर संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किए जाने का भी अनुरोध किया गया है, संरक्षित क्षेत्रों में तेंदूपत्ता संग्रहण नहीं करने वाले अनुसूचित जनजाति को मिलने वाली कैंपा निधि की राशि वहां के निवासरत सभी ओबीसी समुदाय के लोगों को समान रूप से प्रदान किए जाए। देश के अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ राज्य में भी अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित लोक कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सुव्यवस्थित संचालन हेतु पृथक विभाग संचालित किया जाए, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों के साथ भेदभाव पूर्ण नियुक्ति, वरिष्ठता, पदोन्नति में गड़बड़ी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई किए जाने का भी उल्लेख है,

छत्तीसगढ़ प्रदेश के शासकीय, अर्धशासकिय, गैरसरकारी उपक्रमो विभिन्न विभागों,निगमों ,मंडलों ,स्वायत्तशासी निकायों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों /अधिकारियों को नियमित किए जाने का भी अनुरोध है एवं छत्तीसगढ़ शासकीय आईटीआई में रिक्त पद के विरुद्ध कार्यरत में मेहमान प्रवक्ताओं के मानदेय में वृद्धि करें एवं 65 वर्ष की आयु तक जॉब सुरक्षा देने का भी मांग को शामिल किया गया है। अम्बिकापुर जिला सरगुजा जिले में ज्ञापन देने हेतु सरगुजा संभागीय प्रवक्ता आनंद सिंह यादव, अवधेश साहू, एन.पी. यादव, संजय यादव एवं अन्य उपस्थित थे।

Pradesh Khabar

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!