​​​​​​​मानदेय 80 प्रतिशत बढ़ाने पर छाई खुशी की लहर

रायपुर : ​​​​​​​मानदेय 80 प्रतिशत बढ़ाने पर छाई खुशी की लहर

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

शासकीय अभिभाषकों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल तथा विधि-विधायी मंत्री अकबर का जताया आभार

सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने सौपा ज्ञापन

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

छाई
प्रदेश के विधि एवं विधायी कार्य मंत्री मोहम्मद अकबर से प्रदेश के अभिभाषकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर उनसे चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने शासकीय अभिभाषकों के मानदेय में 80 प्रतिशत की वृद्धि करने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं विधि-विधायी मंत्री मोहम्मद अकबर के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शासकीय अभिभाषकों ने सेवानिवृत्ति की आयु 62 से बढ़ाकर पैंसठ वर्ष करने सहित अन्य मांगों का ज्ञापन भी विधि मंत्री को सौंपा।
विधि मंत्री के शंकर नगर स्थित निवास कार्यालय में पहुंच कर शासकीय अभिभाषकों के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे भेट की। प्रतिनिधिमंडल ने विधि मंत्री से कहा कि मानदेय 80 प्रतिशत बढ़ाने से शासकीय अभिभाषकों में खुशी की लहर है। विधि मंत्री को सौपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष होने से शासन को वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुभव का लाभ नहीं मिल पाता है। इसे देखते हुए प्रदेश के न्यायालयों में शासकीय अभिभाषकों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष किया जाए। मानदेय कार्य अवधि के आधार पर दिया जाता है जिसे शासकीय अभिभाषक को मानदेय 42,500 रूपये तथा 38,500 रूपये प्रति माह स्थायी रूप से किए जाने की मांग ज्ञापन में की गई है।
अलग-अलग जिलों में स्थित शासकीयअभिभाषक/लोक अभियोजक कार्यालय में कम्प्यूटर सेट व फोटो कॉपी मशीन की सुविधा दिलाकर आपरेटर की व्यवस्था करने की मांग भी ज्ञापन में की गई है। इस अवसर पर शासकीय अभिभाषक सर्वश्री के. के. शुक्ला-रायपुर, राजेश पांडे-जांजगीर, नारायण कनौजे-राजनांदगांव, संतोष कुमार देवांगन-कबीरधाम, दिनेश तिवारी-बेमेतरा, मनीष चौबे-मुंगेली, बालमुकुंद चंद्राकर -दुर्ग, भूपेन्द्र चंद्राकर-महासमुंद, सौरभ मणी मिश्रा-कांकेर, विरेन्द्र गौराहा-बिलासपुर, अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक मोहम्मद अरशद खान-दुर्ग, विशेष लोक अभियोजक कमल किशोर वर्मा-दुर्ग शामिल थे।