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ईश्वर को पाने के लिए ज्ञान के साथ समर्पण भी जरूरी – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रायपुर : ईश्वर को पाने के लिए ज्ञान के साथ समर्पण भी जरूरी – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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मुख्यमंत्री मोटिवेशनल स्पीकर एवं आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी के कार्यक्रम में शामिल हुए

मुख्यमंत्री मोटिवेशनल स्पीकर एवं आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी के कार्यक्रम में शामिल हुए स्वयं सिद्ध फाउंडेशन तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मान किया गया मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की सबसे बड़ी देन गीता है। संगीत और मंत्रोच्चार के साथ अपना उद्बोधन शुरू किया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में स्वयं सिद्ध फाउंडेशन द्वारा आयोजित मोटिवेशनल स्पीकर एवं आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी जी के कृष्ण भक्त चरित्र कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि ज्ञान के साथ समर्पण होने पर ही भक्त को ईश्वर की प्राप्ति होती है। हर क्षेत्र में समर्पण का विशेष महत्व है। उन्होंने एक लघु कहानी के माध्यम से भक्त के समर्पण की महिमा का बखान किया। मुख्यमंत्री ने आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी जी द्वारा मधुर संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किए जा रहे कृष्ण भक्त चरित्र कथा की प्रशंसा की।

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मुख्यमंत्री का स्वयं सिद्ध फाउंडेशन द्वारा तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा, स्वयं सिद्ध फाउंडेशन की संस्थापक श्रीमती अनुपमा त्रिपाठी सहित श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की सबसे बड़ी देन गीता है। वेदव्यास जी को जब गीता की रचना से संतुष्टी नहीं मिली तो, उन्होंने कृष्ण बाल लीला का वर्णन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर मां अपने बच्चे में कृष्ण का रूप देखती है। मां अपने बच्चे को लल्लन और कान्हा कहकर पुकारती हैं।

मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी ने सुमधुर संगीत और मंत्रोच्चार के साथ अपना उद्बोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि सत्संगी कभी निराश नहीं होते। समर्पण में सुख मिलता है। भक्त की उम्मीद केवल भगवान से रहती है। इसलिए भक्त की उम्मीद कभी खत्म नहीं होती।

Ashish Sinha

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