
अंबिकापुर में कायस्थ समाज ने निकाली भगवान चित्रगुप्त की विशाल शोभा यात्रा
अंबिकापुर में कायस्थ समाज ने निकाली भगवान चित्रगुप्त की विशाल शोभा यात्रा।
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, कलम और दवात भगवान के प्रतीक माने गए हैं. यम द्वितीया यानी चित्रगुप्त पूजा के दिन मुख्य रूप के इन्हीं की पूजा होती है. इस दिन बिजनेसमैन बहीखाते पर ‘श्री’ लिखकर अपने कार्य की शुरुआत करते हैं. माना जाता है कि ऐसा करके बिजनेस करने वाले लोग अपनी आमदनी और खर्च का पूरा विवरण भगवान चित्रगुप्त के समक्ष रखते हैं. साथ ही वे अपने बिजनेस में तरक्की की कामना भी करते हैं. पौराणिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान चित्रगुप्त की पूजा करने पर नर्क में यातनाएं नहीं झेलनी पड़ती है.
आज अंबिकापुर के मुख्य जगहों से भगवान चित्रगुप्त की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई जिसका स्वागत जगह जगह प्रत्येक समाज के लोगों ने भरपूर उत्साह के साथ किया। शोभा यात्रा का स्वागत जगह जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर किया।
शोभा यात्रा में पुरूषों के साथ साथ महिलायें व कायस्थ समाज की लड़कियों ने भी पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
कायस्थ समाज के अध्यक्ष हेमंत सिन्हा ने कहा कि विगत 7 वर्ष से ये शोभा यात्रा निकाली जा रही है। विशाल शोभा यात्रा आज आकर्षण का केंद्र बनी रही।
उपरोक्त कार्यक्रम में मुख्य रूप से संरक्षक वी.के. वर्मा,जे.पी.श्रीवास्तव,आर.के.खरे, विकास वर्मा (रिंकू वर्मा),अभिषेक सिन्हा,राजु सिन्हा, पर्यक सिन्हा,अखिलेश सिन्हा,राकेश सिन्हा, गोपाल सिन्हा,हिमांशु सिन्हा,अमन सिन्हा उपस्थित थे.
महिला सदस्यों में मुख्य रूप से महिला प्रमिला वर्मा,शांति वर्मा पुष्पा वर्मा, उषा वर्मा, तृप्ति सिन्हा,पूनम सिन्हा,आभा वर्मा,दीपमाला सिन्हा थी










