
काकोरी के शहीदों से विकसित भारत @2047 तक: सुरक्षा, आवास और राष्ट्र निर्माण पर अमित शाह का बड़ा संदेश
अमित शाह ने काकोरी क्रांतिकारियों को नमन, गोवा मुक्ति दिवस, बंदरगाह सुरक्षा, RERA, अफोर्डेबल हाउसिंग, खेल और सीमा सुरक्षा पर सरकार का रोडमैप प्रस्तुत किया।
बलिदान से विकास तक: काकोरी के क्रांतिकारियों को नमन, गोवा मुक्ति, सुरक्षा सुधार और विकसित भारत @2047 का रोडमैप—अमित शाह का बहुआयामी संदेश
✍️ प्रदेश खबर | नई दिल्ली| केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हालिया वक्तव्यों और कार्यक्रमों के माध्यम से देश को एक स्पष्ट संदेश दिया है—भारत अपने गौरवशाली अतीत को स्मरण करते हुए, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक अवसंरचना के साथ विकसित राष्ट्र की ओर तेज़ी से अग्रसर है।
स्वाधीनता संग्राम के बलिदानियों को श्रद्धांजलि से लेकर गोवा मुक्ति दिवस, बंदरगाह सुरक्षा, रियल एस्टेट सुधार, खेल उपलब्धियों और सीमावर्ती सुरक्षा बलों तक, अमित शाह के बयानों में राष्ट्र निर्माण का व्यापक दृष्टिकोण झलकता है।
काकोरी के क्रांतिकारियों को नमन: आज़ादी की नींव हिलाने वाला साहस
अमित शाह ने काकोरी ट्रेन एक्शन के नायकों—पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और रोशन सिंह—के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि इन वीरों ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी।
उन्होंने कहा कि
“देश के संसाधनों और मेहनतकश देशवासियों के श्रम से बनी वस्तुओं पर यहां के लोगों का ही अधिकार हो सकता है—इस संकल्प को इन सेनानियों ने न केवल साकार किया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस और पराक्रम की प्रेरणा बने।”
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि देश इन बलिदानियों को कभी भूल नहीं पाएगा, क्योंकि इन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी।
गोवा मुक्ति दिवस: इतिहास, त्याग और राष्ट्रीय एकता
गोवा मुक्ति दिवस के अवसर पर अमित शाह ने गोवा वासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज की पीढ़ी शायद यह न जानती हो कि 1961 तक भारतीयों को गोवा जाने के लिए अनुमति लेनी पड़ती थी।
उन्होंने प्रभाकर वैद्य, बाला राय मापारी, नानाजी देशमुख और जगन्नाथ राव जोशी जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए कहा कि भारी कष्टों और बलिदानों के बाद गोवा भारत का अभिन्न अंग बना।
उन्होंने कहा,
“गोवा की स्वतंत्रता के लिए अपार पीड़ा सहने वाले सभी महान आत्माओं को मैं नमन करता हूं।”
बंदरगाह और समुद्री सुरक्षा पर बड़ा निर्णय
देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में अमित शाह ने बंदरगाहों और जहाजों की सुरक्षा की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
इस बैठक में उन्होंने कई अहम निर्देश दिए—
- ब्यूरो ऑफ पोर्ट सिक्योरिटी के गठन का आदेश
- बंदरगाहों की आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा के लिए अलग डिवीजन
- CISF को मान्यता प्राप्त सुरक्षा संगठन (RSO) घोषित करना
- निजी सुरक्षा एजेंसियों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी CISF को सौंपना
यह कदम समुद्री सुरक्षा, व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा और साइबर खतरों से निपटने की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
Viksit Bharat @2047 और रियल एस्टेट सेक्टर
नई दिल्ली में आयोजित CREDAI नेशनल कॉन्क्लेव – विकसित भारत @2047 में अमित शाह ने रियल एस्टेट सेक्टर को देश के विकास का अहम स्तंभ बताया।
उन्होंने कहा कि—
- नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन
- भारत माला
- सागर माला
जैसी योजनाओं के जरिए मोदी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में नेक्स्ट-जेन इंफ्रास्ट्रक्चर का मजबूत आधार तैयार किया है।
GST में कटौती से अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा
अमित शाह ने कहा कि हाउसिंग निर्माण से जुड़े उत्पादों पर GST घटाकर मोदी सरकार ने अफोर्डेबल हाउसिंग को नई गति दी है।
उन्होंने कहा कि RERA कानून—
- होम बायर्स के हितों की रक्षा
- पारदर्शी लेनदेन
- गुणवत्तापूर्ण निर्माण
सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित हुआ है।
उन्होंने देश के बड़े डेवलपर्स से Low-Cost Housing अपनाने और हर नागरिक के अपने घर के सपने को साकार करने की अपील की।
ग्रीन बिल्डिंग और सतत विकास पर जोर
अमित शाह ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर में—
- ग्रीन बिल्डिंग नॉर्म्स
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग
- वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन
को नया नॉर्मल बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने CREDAI की 25 वर्षों की यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि संगठन ने स्किल डेवलपमेंट, ग्रीन बिल्डिंग, आपदा प्रबंधन और श्रमिक प्रशिक्षण में अनुकरणीय कार्य किया है।
खेलों में भारत की उड़ान: पैरा यूथ एशियन गेम्स
अमित शाह ने Asian Youth Para Games 2025 में भारतीय खिलाड़ियों की ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जताई।
भारतीय पैरा-एथलीट्स ने—
- 36 स्वर्ण
- 28 रजत
- 38 कांस्य
सहित कुल 102 पदक जीते।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की दृढ़ता, समर्पण और अदम्य साहस का प्रमाण है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक खेल शक्ति के रूप में उभर रहा है।
सीमा सुरक्षा बलों की भूमिका
अमित शाह ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल (SSB)—
- सीमा सुरक्षा
- आंतरिक सुरक्षा
- आपदा प्रबंधन
- सीमावर्ती क्षेत्रों में विश्वास और सहयोग
बढ़ाने की दिशा में निरंतर सकारात्मक कार्य कर रहा है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश के सपड़ी में SSB के 62वें स्थापना दिवस समारोह में जवानों से संवाद करने को लेकर उत्साह जताया।
स्पष्ट संदेश: सुरक्षित, आत्मनिर्भर और विकसित भारत
अमित शाह के इन सभी बयानों और निर्णयों से यह स्पष्ट होता है कि सरकार—
- स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को स्मरण करते हुए
- सुरक्षा ढांचे को मजबूत कर
- अवसंरचना और आवास क्षेत्र को गति देकर
- खेल, पर्यावरण और सीमा सुरक्षा पर फोकस करते हुए
विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से आगे बढ़ रही है।












