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दुनिया भर में बिखर रहे आपकी मेहनत के रंग, उत्पादक से निर्यातक तक लंबी दूरी तय की दीदियों ने

रायपुर : दुनिया भर में बिखर रहे आपकी मेहनत के रंग, उत्पादक से निर्यातक तक लंबी दूरी तय की दीदियों ने

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सांकरा आजीविका केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चर्चा में समूह की दीदियों को बधाई दी

कश्मीर से कन्याकुमारी तक और इटली से इंडोनेशिया तक जा रहा यहां का हर्बल गुलाल और अष्टगंध

सांकरा आजीविका केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने चर्चा में समूह की दीदियों को बधाई दी

सांकरा आजीविका केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चर्चा में समूह की दीदियों को बधाई दी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दुर्ग जिले के पाटन ब्लाक के ग्राम सांकरा में स्थित आजीविका केंद्र का निरीक्षण किया। आजीविका केंद्र में विविध गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है और यहां के प्रोडक्ट विदेशों में भी एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री यहां काम कर रही महिलाओं से मिले। महिलाओं ने बताया कि इन्हें हर दिन 200 रुपये का मानदेय तो मिल ही रहा है। इसके साथ ही लाभांश भी मिल रहा है। महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री जी, आपकी वजह से रोजगार का इतना अच्छा साधन हमें मिला है और इसके साथ ही अतिरिक्त आय भी लाभांश के माध्यम से प्राप्त हो रही है। हम इसके लिए आपको धन्यवाद करते है।

सांकरा आजीविका केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने चर्चा में समूह की दीदियों को बधाई दी

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सांकरा आजीविका केंद्र के प्रबंधकों ने बताया कि अभी हाल ही में इटली में भी हर्बल गुलाल एक्सपोर्ट किया गया है। इटली के सांकरा आजीविका केंद्र के प्रबंधकों ने बताया कि अभी हाल ही में इटली में भी हर्बल गुलाल एक्सपोर्ट किया गया है। इटली के शहरों में रन फ़ॉर यूनिटी का चलन है इसमें 5 किलोमीटर की दौड़ होती है और हजारों की भीड़ होती है। हर किलोमीटर में बड़े पैमाने पर हर्बल गुलाल का उपयोग होता है। इस बार 75 टन हर्बल गुलाल का उपयोग कार्यक्रम में किया गया और इसकी सप्लाई सांकरा से हुई। मुख्यमंत्री ने कहा यह बढ़िया काम है इसके अलावा प्रबंधकों ने बताया कि यहां उत्पादित अष्टगंध पूरे भारत में बिकता है और महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्रों जैसे काशी,पुरी आदि में विशेष रूप से इसकी बिक्री होती है। प्रबंधकों ने बताया कि नियमित रूप से यहां से कंसाइनमेंट 20 से 25 टन तक जाता है और मूंदड़ा पोर्ट के माध्यम से इसकी आपूर्ति विदेश में होती है। मुख्यमंत्री ने स्व सहायता समूह की दीदियों से पूछा कि हर्बल गुलाल के लिए फूल कहां से लाती है। इस पर दीदियों ने बताया कि जिले के विभिन्न मंदिरों से हर दिन बड़े पैमाने पर फूल इकट्ठा करते हैं और इससे हर्बल गुलाल बनाते हैं इसके साथ ही पूजा के लिए लकड़ी भी इकट्ठा करते हैं और इनकी ब्रांडिंग कर बेचते हैं। आजीविका केंद्र में चुनरी निर्माण का भी कार्य हो रहा है। यहां पर देवी के लिए अर्पित करने चुनरी बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने आजीविका केंद्र की दीदियों को बधाई देते हुए कहा कि आप लोग तो केवल प्रदेश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी सप्लाई कर रही है। आप लोगों का काम शानदार है। आप सभी को बहुत बधाई। इस दौरान संभागायुक्त महादेव कांवड़े, आईजी बद्रीनारायण मीणा, कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, एसपी डॉ अभिषेक पल्लव, जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

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