Advertisement

कुम्भकार समाज का हमारे सामाजिक संस्कारों में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री बघेल

रायपुर : कुम्भकार समाज का हमारे सामाजिक संस्कारों में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री बघेल

कुम्भकार समाज का हमारे सामाजिक संस्कारों में महत्वपूर्ण योगदान

मुख्यमंत्री बघेल कुम्भकार समाज के महाधिवेशन में शामिल हुए

बसीन में ग्लेजिंग यूनिट लगाने की घोषणा

सिरकट्टी आश्रम के छात्रावास के लिए 20 लाख की स्वीकृति की घोषणा

मुख्यमंत्री बघेल कुम्भकार समाज के महाधिवेशन में शामिल हुए बसीन में ग्लेजिंग यूनिट लगाने की घोषणासिरकट्टी आश्रम के छात्रावास 20 लाख की स्वीकृति की घोषणा

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-08-06 at 13.18.43
WhatsApp Image 2026-08-06 at 13.56.51
ChatGPT Image Aug 8, 2026, 10_06_26 PM

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज गरियाबंद जिले के कुटेना में आयोजित कुम्भकार समाज के महाधिवेशन को सम्बोधित करते हुए ग्राम बसीन में ग्लेजिंग यूनिट लगाने तथा सिरकट्टी आश्रम के छात्रावास हेतु 20 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कुम्भकार समाज के लोगों को नये वर्ष और छेरछेरा-पुन्नी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कुम्भकार समाज का हमारे सामाजिक संस्कारों में महत्वपूर्ण योगदान है। कोई भी संस्कार, वैवाहिक कार्य एवं पारिवारिक कार्य इस समाज के योगदान के बिना पूरा नहीं होता है। मेहनतकश कुम्भकार समाज का हमारे समाजिक कार्याें में योगदान युगों से चलता आ रहा है। इसके बावजूद भी आज कुम्भकार समाज अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस युग में कुंभकार समाज का व्यवसाय प्रभावित हुआ है। पहले लोग मिट्टी के बर्तनों का अधिक उपयोग करते थे। लेकिन आधुनिकता के दौर में स्टील, जर्मन और प्लास्टिक का उपयोग अधिक हो रहा है। उन्होंने कहा कि सुंदर वस्तुएँ की बिक्री हाथों हाथ हो जाता है। इस प्रतिस्पर्धा में कुम्भकार समाज को टिकना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के व्यवसाय को पुनर्स्थापित करने के लिए सरकार हर संभव मदद कर रही है। प्रदेश के अनेक स्थानों पर ग्लेजिंग यूनिट की स्थापना की गई है। लेकिन शिकायतें मिल रही है कि ग्लेजिंग यूनिट से कुंभकारों को काम नहीं मिल रहा है। ग्लेजिंग यूनिट को चलाने प्रोफेशनल रूप से निरंतर कार्य करते रहने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभकारों की सुविधा के लिए 9 हजार चॉक वितरित किए हैं। कई लोग इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ऐसे लोगों से उन्हें दिए गए इलेक्ट्रिक चॉक को वापस लेकर काम करने के इच्छुक व्यक्तियों को उपलब्ध कराने कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभकार समाज के लोग पारंपरिक व्यवसाय के अलावा खेती किसानी से भी जुड़े हैं। सरकार ने धान खरीदी हेतु बेहतर प्रबंध की है। इसके तहत उपार्जन केन्द्रों में धान की खरीदी, उठाव, परिवहन के कार्य बेहतर ढंग से संचालित हो रहे हैं। साथ ही राशि का भुगतान भी दो दिनों में हो रहा है। अब तक प्रदेश में 86 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने ऐसे किसान जो अब तक धान नही बेच पाये हैं, उनसे संबंधित उपार्जन केन्द्र में धान बेचने का आग्रह किया। उन्होंने कुंभकारों द्वारा मिट्टी से निर्मित विभिन्न बर्तन व अन्य उत्पाद को पकाने के लिए लकड़ी की जगह गो-कास्ट का उपयोग करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नौजवानों को रोजगार मुहैया कराने प्रत्येक विकासखंड में दो रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क बनाया जा रहा है। यहां जमीन, शेड, बिजली, पानी, सड़क की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कुंभकार समाज को शिक्षा से जुड़ने का आह्वान करते हुए बताया कि सरकार शैक्षणिक संस्थाओं के रंग रोगन के लिए 1 हजार करोड़, आईटीआई में नया ट्रेड खोलने 1200 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार गरीब, किसानों के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले गए हैं। मुख्यमंत्री ने कुंभकार समाज के मांग पर बासीन में ग्लेजिंग यूनिट स्थापित करने तथा सिरकट्टी आश्रम के छात्रावास में सुविधाओं के विस्तार के लिए 20 लाख रुपए की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को अपने हाथों से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
राजिम विद्यायक अमितेश शुक्ल ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि कुंभकार मिट्टी को अपने मन माफिक जैसे सुन्दर रूप देते हैं, वैसे ही प्रदेश के मुख्यमंत्री जी समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं, साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को पुनर्जीवित कर लोगों को छत्तीसगढ़िया होने का एहसास कराया है। समारोह में छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष बालम चक्रधारी और कुंभकार समाज के प्रदेश अध्यक्ष तरुण प्रजापति ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर गृह तथा लोक निर्माण मंत्र ताम्रध्वज साहू, सिरकट्टी आश्रम कुटेना के संत गोवर्धन शरण व्यास, माटीकला बोर्ड के सदस्य कृष्ण चक्रधारी एवं खेलावन चक्रधारी, जिला एवं जनपद पंचायत के सदस्यगण, अन्य जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM