वैवाहिक दुष्कर्म मामले में SC ने केंद्र को जारी किया नोटिस, 15 फरवरी तक मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट वैवाहिक दुष्कर्म के अपराधीकरण की मांग वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को केंद्र सरकार से इस मामले में 15 फरवरी तक जवाब मांगा।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला की पीठ ने केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से 15 फरवरी 2023 को या उससे पहले मामले में जवाबी हलफनामा दायर करने को कहा।

सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस मामले का बड़ा असर होगा। पीठ ने मेहता से कहा, “क्या आप कोई प्रतिवाद दायर करना चाहते हैं, यदि कोई हो तो।” शीर्ष अदालत ने विभिन्न उच्च न्यायालयों को निर्णय लेने देने के बजाय मामले को स्वयं लेने का फैसला किया।

मार्च में होगी सुनवाई

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

मामले को मार्च में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा और पीठ ने सभी पक्षों को 3 मार्च तक अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया। मेहता ने पीठ को सूचित किया कि सरकार ने इस मामले पर राज्य सरकारों के विचार मांगे थे। पिछले साल मई में दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के बाद वैवाहिक दुष्कर्म के अपराधीकरण पर “विभाजित विचार” व्यक्त किए गए थे। सर्वोच्च न्यायालय में भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के अपवाद पर चुनौती दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल जुलाई में कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगा दी थी। हाई कोर्ट ने एक पति को अपनी पत्नी से कथित रूप से दुष्कर्म करने के मुकदमे को चलाने की अनुमति दी थी। मई में शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ पति की याचिका पर नोटिस जारी किया था।