Advertisement

छत्तीसगढ़ के भूतेश्वर मंदिर में लगातार बढ़ रहा है शिवलिंग का आकार, यहां की कहानी कर देगी आपको अभिभूत

छत्तीसगढ़ में एक ऐसा शिवलिंग हैं जो ज्योतिर्लिंग के तौर पर जाना जाता है। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मौजूद भूतेश्वर महादेव एक अर्धनारीश्वर प्राकृतिक शिवलिंग है। जो राजधानी रायपुर से 90 किमी दूर गरियाबंद के घने जंगलों में बसा है। यहां दूर-दूर से महादेव के भक्त उनकी अराधना करने पहुंचते हैं। इस प्राकृतिक शिवलिंग की खासियत ये है कि इसका आकार प्रतिवर्ष बढ़ रहा है

छत्तीसगढ़ में एक ऐसा शिवलिंग हैं जो ज्योतिर्लिंग के तौर पर जाना जाता है। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मौजूद भूतेश्वर महादेव एक अर्धनारीश्वर प्राकृतिक शिवलिंग है। जो राजधानी रायपुर से 90 किमी दूर गरियाबंद के घने जंगलों में बसा है। यहां दूर-दूर से महादेव के भक्त उनकी अराधना करने पहुंचते हैं। इस प्राकृतिक शिवलिंग की खासियत ये है कि इसका आकार प्रतिवर्ष बढ़ रहा है।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

शिवलिंग का आकार प्रतिवर्ष बढ़ रहा

इस मंदिर के बारे में बात करते हुए यहां के लोग बताते हैं कि आसपास के गांव के लोगों का मानना है कि पहले भूतेश्वर महादेव एक छोटे टीले के रूप में थे। फिर धीरे-धीरे इनका आकार बढ़ता गया। साथ ही शिवलिंग के आकार में बढ़ाव अब भी जारी है। शिवलिंग में प्रकृति प्रदत जललहरी भी दिखाई देती है जो धीरे धीरे जमींन के ऊपर आती दिखाई दे रही है। इसलिए इसे भूतेश्वर महादेव के नाम से जाना जाने लगा।

बाहर से आए भक्तों के लिए होती है पूरी व्यवस्था

सावन के महीने में हर साल यहां भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। साथ ही सावन के दौरान प्रत्येक सावन के सोमवार को कांवरिए भगवान को जल चढ़ाने सुबह से आने लगते हैं। इस जगह की मान्यता है कि यहां केवल छत्तीसगढ़ से ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों से भी भक्त पहुंचते हैं। दूर दूर से महादेव के भक्त उनकी अराधना करने पहुंचते हैं। मंदिर के दर्शन के लिए भक्त दूर दूर से यहां पहुंचते हैं। इसलिए उनके लिए रहने व खाने पीने की पूरी व्यवस्था की जाती है।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47