Budget 2023: बजट भाषण में इस्तेमाल होने वाले ये है 10 बड़े Terms, आसान तरीके से जानिए इनके मतलब- क्यों अहम हैं ये शब्द

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश कर रही हैं। बजट (केंद्रीय बजट 2022 23) से लोगों को बहुत उम्मीदें हैं। लेकिन बजट में ऐसे कई शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जिसके बारे में लोग जानना चाहते हैं। आइये जानते हैं बजट से जुड़े इन 10 बड़े terms के मतलब-

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): राजकोषीय घाटा तब होता है जब वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार का खर्च उसकी आय से अधिक हो जाता है। यह सरकार द्वारा आवश्यक उधार की कुल राशि को दर्शाता करता है।

राजस्व घाटा: राजस्व घाटा (Revenue Deficit) सरकार के दिन-प्रतिदिन के संचालन पर खर्च और टैक्स और अन्य स्रोतों से इसकी कुल आय के बीच का अंतर है। यह दर्शाता है कि सरकार की आय अपने खर्चों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है। जब राजस्व घाटा होता है, तो सरकार को अंतर को पूरा करने के लिए धन उधार लेना पड़ता।

टैक्स राजस्व: टैक्स राजस्व सरकार (Tax Revenue) द्वारा आय, लाभ और वस्तुओं और सेवाओं की खपत पर टैक्स से एकत्र की गई राशि है। इसमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के टैक्स शामिल होते हैं। टैक्स राजस्व सरकार की आय का प्राथमिक स्रोत है।

प्रत्यक्ष कर: प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) एक प्रकार का कर है जो व्यक्तियों और व्यवसायों की आय पर लगाया जाता है। इस मामले में टैक्स का भुगतान करने वाला व्यक्ति और जिस पर कर लगाया जाता है, वे एक ही हैं। प्रत्यक्ष टैक्स के उदाहरणों में आयकर, कॉर्पोरेट टैक्स, संपत्ति टैक्स और उत्तराधिकार टैक्स शामिल हैं।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

अप्रत्यक्ष कर: अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) एक प्रकार का कर है जो वस्तुओं और सेवाओं (goods and services) पर लगाया जाता है। इस मामले में टैक्स देने वाला व्यक्ति और जिस व्यक्ति पर टैक्स लगाया जाता है, वे अलग-अलग होते हैं। अप्रत्यक्ष टैक्स के उदाहरणों में जीएसटी, सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क शामिल हैं।

सकल घरेलू उत्पाद (GDP): सकल घरेलू उत्पाद (GDP) सभी वस्तुओं और सेवाओं के मौद्रिक मूल्य का एक उपाय है। यह देश की विकास दर को भी दर्शाता है।

मुद्रास्फीति: मुद्रास्फीति (Inflation) उस दर को संदर्भित करती है जिस पर किसी अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं की कुल लागत बढ़ रही है।

सीमा शुल्क: सीमा शुल्क (Customs Duty) एक प्रकार का अप्रत्यक्ष कर है जो किसी देश में या बाहर माल के आयात और निर्यात पर लगाया जाता है। इस कर की लागत आम तौर पर माल के अंतिम उपभोक्ता को दी जाती है।

राजकोषीय नीति: राजकोषीय नीति (Fiscal Policy) अपने आर्थिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए सरकार द्वारा अपने खर्च और राजस्व संग्रह (करों के माध्यम से) का प्रबंधन करने के लिए की गई कार्रवाइयों को दर्शाता है।

कंसोलिडेटेड फंड: भारत का कंसोलिडेटेड फंड एक महत्वपूर्ण सरकारी खाता है जिसमें आपदा प्रबंधन जैसे असाधारण खर्चों को छोड़कर एक वित्तीय वर्ष के दौरान प्राप्त राजस्व और व्यय शामिल हैं। सभी गैर-असाधारण सरकारी व्यय इस कोष से किए जाते हैं।