Aaj ka Panchang 03 March 2023: जानिए शुक्रवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

Aaj ka Panchang 3 March 2023: आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष की उदया तिथि एकादशी और शुक्रवार का दिन है। आज आमलकी एकादशी का व्रत किया जाएगा। आज शाम 6 बजकर 44 मिनट तक सौभाग्य योग रहेगा। साथ ही आज दोपहर 3 बजकर 43 मिनट तक पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा। आज सुबह 9 बजकर 11 मिनट तक पृथ्वी लोक की भद्रा रहेगी। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए शुक्रवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

शुभ मुहूर्त

  • आमलकी एकादशी तिथि- 3 मार्च 2023
  • एकादशी तिथि- आज सुबह 9 बजकर 11 मिनट तक
  • सौभाग्य योग- आज शाम 6 बजकर 44 मिनट तक
  • पुनर्वसु नक्षत्र- आज दोपहर 3 बजकर 43 मिनट तक
  • पृथ्वी लोक की भद्रा –  आज सुबह 9 बजकर 11 मिनट तक

राहुकाल

कोई भी काम शुरु करते वक्त राहुकाल का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। राहुकाल के दौरान कोई काम शुरू नहीं करना चाहिए। अगर कोई काम पहले से चल रहा है तो उसे जारी रख सकते हैं। तो राहुकाल के समय का खास ख्याल रखें।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

राहुकाल का समय

  1. दिल्ली- दोपहर पहले 11:06 से दोपहर 12:33 तक
  2. मुंबई- दोपहर पहले 11:22 से दोपहर 12:51 तक
  3. चंडीगढ़- दोपहर पहले 11:08 से दोपहर 12:35 तक
  4. लखनऊ- सुबह 10:51 से दोपहर 12:18 तक
  5. भोपाल- दोपहर पहले 11:04 से दोपहर 12:32 तक
  6. कोलकाता- सुबह 10:21 से दोपहर पहले 11:48 तक
  7. अहमदाबाद- दोपहर पहले 11:23 से दोपहर 12:51 तक
  8. चेन्नई- सुबह 10:52 से दोपहर 12:21 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय- सुबह 06: 44 बजे
  • सूर्यास्त- शाम 6: 21 बजे

आमलकी एकादशी

शास्त्रों में आमलकी एकादशी का विशेष महत्व है । काशी में इसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं। इस दिन से काशी में होली का पर्वकाल आरंभ हो जाता है। बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी विश्वनाथ मंदिर में आज के दिन बाबा विश्वनाथ और पूरे शिव परिवार, यानी माता पार्वती, श्री गणपति और कार्तिकेय जी का विशेष रूप

से साज-श्रृंगार किया जाता है। साथ ही भगवान को हल्दी, तेल चढ़ाने की रस्म भी निभाई जाती है। इसके अलावा भगवान के चरणों में अबीर-गुलाल चढ़ाया जाता है और शाम के समय भगवान की रजत मूर्ति को पालकी में बिठाकर, बड़े ही भव्य तरीके से रथ यात्रा निकाली जाती है।