भाजपा महिला मोर्चा के निर्देश पर डॉक्टर ममता साहू प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा ने राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके जी से मुलाकात कर विभागीय भ्रष्टाचार की जानकारी दी…….

*भाजपा महिला मोर्चा के निर्देश पर डॉक्टर ममता साहू प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा ने राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके जी से मुलाकात कर विभागीय भ्रष्टाचार

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

और महिला एवं बाल विकास अधिकारी जिला महासमुंद द्वारा अनशन की जानकारी दी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की*
खरोरा:—-
महिला एवं बाल विकास विभाग में मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं रेडी टू ईट खाद्यान्न वितरण योजना में भ्रष्टाचार के संबंध में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत के प्रतिनिधि के तौर पर उपाध्यक्ष डॉक्टर ममता साहू महामहिम राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके जी को ज्ञापन सौंपा विगत कुछ दिनों से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगातार कमीशनखोरी,भ्रष्टाचार एवं घटिया सामग्री लोगों को भेजा जा रहा है जिससे लोगों के स्वास्थ्य में विपरीत असर हो रहा है,महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा रेडी टू ईट में 25 प्रतिशत की कमीशनखोरी एवं विभाग द्वारा प्रत्येक योजनाओं में गड़बड़ी लगातार की जा रही है । छत्तीसगढ़ के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि एक जिले स्तर का अधिकारी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के विरुद्ध अनशन पर बैठा है । महासमुन्द को प्रेषित पत्र दिनांक 15.05.2021 के अवलोकन से प्रतीत होता है कि उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना वर्ष 2020 एवं 2021 में स्तरहीन एवं घटिया उपहार सामग्री क्रय में हुई गंभीर वित्तीय अनियमितता तथा रेडी टू ईट वितरण योजना में किये गये भ्रष्टाचार का जांच प्रतिवेदन उच्चाधिकारियों को प्रस्तुत किया था जिस पर अद्यतन कोई कार्यवाही नहीं की गई । सुधाकर बोदले प्रकरण में राज्य सरकार ने सिर्फ खानापूर्ति करने के लिए जांच कमेटी बनाई है, इस जांच कमेटी में महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालनालय के लोगों को ही रखा गया है ,जो कि पहले ही राज्य स्तर पे कोई कार्यवाही नही करने के कारण ही ये हालात बने है ।ये कमेटी
प्राकृतिक न्याय सिद्धांत के अनुसार कोई अपने ही केस में जज नहीं हो सकता यह नियम को फॉलो किया जाता है। इस कमेटी में बाहर से एक निष्पक्ष अधिवक्ता या सेवानिवृत जज, एक समाजसेवी का होना अत्यंत आवश्यक है ।
यह जांच कमेटी मात्र खानापूर्ति करने के लिए बनाई गई है यह कमेटी के लोग अपने ही विभाग के खिलाफ निर्णय नहीं करेंगे। यह न्याय संगत नहीं है ।हम इस कमेटी का विरोध करते हैं इसकी जांच निष्पक्ष रूप से सेवानिवृत न्यायाधीश से करने की मांग करते है। और इस ईमानदार अधिकारी के विरुद्ध FIR करने एवं गिरफ्तार करने की की जो सूचना मिल रही है उसकी तीव्र भर्त्सना करते है यहां आरोपियों को जिनके ऊपर बड़ी-बड़ी आपराधिक मामले चल रहे हैं उन्हें पुलिस 6-6 महीने तक गिरफ्तार नहीं कर रही है, और एक ईमानदार अधिकारी को प्रताड़ित कर गिरफ्तार किया जा रहा है,इस अधिकारी को भ्रष्टाचार को उजागर करने में यदि सजा देने का और प्रताड़ित करने का प्रयास किया जाएगा तो भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा तीव्र विरोध करेगा।

खरोरा से लालजी वर्मा की रिपोर्ट ========