
नए भारत की दिशा: विकास, लोकतंत्र और वैश्विक नेतृत्व की ओर प्रधानमंत्री मोदी का विजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते एक दशक की उपलब्धियों, सुधारों, तकनीक आधारित विकास, लोकतंत्र की मजबूती और भारत की वैश्विक भूमिका पर विस्तृत दृष्टिकोण रखा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
नए भारत की दिशा: विकास, लोकतंत्र और वैश्विक नेतृत्व की ओर प्रधानमंत्री मोदी का विजन
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालिया वक्तव्यों में भारत के बीते एक दशक की उपलब्धियों, वर्तमान विकास यात्रा और भविष्य की दिशा को लेकर व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि बीते दस वर्ष भारत के लिए अभूतपूर्व रहे हैं, जहां तेज़ विकास के साथ लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मजबूत हुई हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक विकास का नया इंजन बनेगा और दुनिया के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में उसकी भूमिका निर्णायक होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अब केवल विकास की दौड़ में शामिल नहीं है, बल्कि वह वैश्विक स्तर पर नेतृत्वकारी भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का विकास मॉडल अपनी परंपरागत मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर आधारित रहेगा।
बीते दशक की उपलब्धियाँ: अभूतपूर्व परिवर्तन की कहानी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत ने जिस गति से विकास किया है, वह अभूतपूर्व है। बुनियादी ढांचे से लेकर सामाजिक कल्याण, डिजिटल क्रांति से लेकर आर्थिक सुधारों तक हर क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने बजट को केवल खर्च-केंद्रित (Outlay Focused) रखने के बजाय परिणाम-केंद्रित (Outcome Oriented) बनाया है। अब योजनाओं का मूल्यांकन इस आधार पर किया जाता है कि उनसे ज़मीन पर कितना बदलाव आया और आम नागरिक को कितना लाभ मिला।
स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, स्वच्छता, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी अनेक योजनाओं ने करोड़ों नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है।
रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने 21वीं सदी के इस दशक को भारत के लिए “रिफॉर्म एक्सप्रेस” का दौर बताया। उन्होंने कहा कि भारत में सुधार किसी मजबूरी के कारण नहीं बल्कि दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ किए जा रहे हैं।
कर सुधारों में जीएसटी, कॉरपोरेट टैक्स में कटौती, दिवालियापन संहिता (IBC), प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), डिजिटल भुगतान प्रणाली, और बैंकिंग सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत का वित्तीय तंत्र अधिक पारदर्शी, सक्षम और मजबूत हुआ है, जिससे निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ा है।
तकनीक और नवाचार बना विकास का आधार
प्रधानमंत्री मोदी ने तकनीक और नवाचार को विकास का मुख्य चालक बताया। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में स्टार्टअप संस्कृति और हैकाथॉन संस्कृति का जिस तेज़ी से विस्तार हुआ है, वह भारत की युवा शक्ति की क्षमता को दर्शाता है।
आज भारत दुनिया के शीर्ष स्टार्टअप इकोसिस्टम वाले देशों में शामिल हो चुका है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, एग्रीटेक, हेल्थटेक और क्लाइमेट टेक जैसे क्षेत्रों में भारतीय नवाचार वैश्विक पहचान बना रहे हैं।
डिजिटल इंडिया अभियान के तहत इंटरनेट कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं, यूपीआई और ई-गवर्नेंस ने प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया है।
वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे दुनिया एक नए वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती जा रही है।
भारत आज जी-20, ब्रिक्स, क्वाड और संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति, स्थिरता, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद विरोध, और सतत विकास जैसे विषयों पर भारत की आवाज़ को गंभीरता से सुना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की व्यापार नीति में आए बदलावों के कारण आज देश आर्थिक रूप से अधिक सशक्त है, यही वजह है कि पूरी दुनिया भारत पर भरोसा कर रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वोत्तर भारत में बने नए आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (Emergency Landing Facility) को देश के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा सामरिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत एवं बचाव कार्यों में बड़ी भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि भारत अब केवल अपनी सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वह आपदा प्रबंधन, मानवीय सहायता और रणनीतिक संतुलन में भी वैश्विक भूमिका निभा रहा है।
नागरिक सेवा और सेवा तीर्थ की भावना
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में राष्ट्र को समर्पित किए गए ‘सेवा तीर्थ’ को कर्तव्य, करुणा और राष्ट्र प्रथम की भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों को निःस्वार्थ सेवा और जनकल्याण के लिए प्रेरित करेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उनमें नागरिक सहभागिता और सेवा भावना को जोड़ना है।
आने वाले दशक की प्राथमिकताएँ
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाला दशक भारत के लिए निर्णायक होगा। इस दौरान सरकार का फोकस विकसित भारत (Viksit Bharat) के लक्ष्य को प्राप्त करने पर रहेगा।
उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण, युवाओं के लिए रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत अभियान सरकार की शीर्ष प्राथमिकताएँ हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम अपना वर्तमान इसलिए समर्पित कर रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य मिल सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दृष्टिकोण स्पष्ट करता है कि भारत केवल आर्थिक विकास की कहानी नहीं लिख रहा, बल्कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समरसता, तकनीकी नवाचार और वैश्विक जिम्मेदारी के साथ एक नई वैश्विक पहचान गढ़ रहा है।
तेज़ विकास, मजबूत लोकतंत्र और आत्मनिर्भर सोच के साथ भारत आने वाले वर्षों में विश्व मंच पर एक निर्णायक शक्ति के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है।









