रायपुर–विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर: छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, 12 घंटे का सफर सिर्फ 5 घंटे में

रायपुर–विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर: छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच बनने वाला इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश की आर्थिक संरचना को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को छत्तीसगढ़ के लिए विकास की नई उड़ान बताया है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में प्रदेश विकास के नए आयाम छू रहा है और रायपुर–विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।


₹16,482 करोड़ की लागत से बनेगा 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर

यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग ₹16,482 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही है। इसके तहत 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण होगा, जो छत्तीसगढ़ को सीधे ओडिशा और आंध्र प्रदेश के समुद्री तट से जोड़ेगा।

इस कॉरिडोर के बन जाने से रायपुर से विशाखापट्टनम का सफर 12 घंटे से घटकर मात्र 5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि माल परिवहन में भी बड़ी तेजी आएगी।


व्यापार, उद्योग और निवेश को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, उद्योग और निवेश को नई ऊर्जा मिलेगी। यह कॉरिडोर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा और राज्य को लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, कृषि और ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध राज्य है। तेज़ और सुगम परिवहन व्यवस्था मिलने से यहां उत्पादित वस्तुएं देश और विदेश के बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगी, जिससे किसानों, उद्यमियों और व्यापारियों को सीधा लाभ होगा।

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निर्यात और बंदरगाह कनेक्टिविटी होगी मजबूत

विशाखापट्टनम एक प्रमुख समुद्री बंदरगाह शहर है। इस कॉरिडोर के जरिए छत्तीसगढ़ को सीधे पोर्ट कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

इससे स्टील, कोयला, सीमेंट, पावर सेक्टर, एग्री प्रोड्यूस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा। लॉजिस्टिक्स लागत कम होने से छत्तीसगढ़ उद्योगों के लिए एक आकर्षक निवेश गंतव्य बनेगा।


रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बल

इस परियोजना से निर्माण चरण में हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। वहीं, कॉरिडोर के आसपास नए औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउस, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और सर्विस सेक्टर विकसित होंगे, जिससे स्थायी रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

इसके साथ ही रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, कोरापुट और विशाखापट्टनम क्षेत्र के बीच सामाजिक-आर्थिक जुड़ाव भी मजबूत होगा।


छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को मिलेगी स्थायी गति

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह कॉरिडोर केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास की रीढ़ साबित होगा। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी और विकास की गति निरंतर बनी रहेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य की श्रेणी में शामिल करना है और ऐसे मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट इस लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

रायपुर–विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर छत्तीसगढ़ के लिए गेम चेंजर प्रोजेक्ट साबित हो सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी, तेज़ परिवहन, कम लागत, अधिक निवेश और रोजगार सृजन के जरिए यह परियोजना राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।