
पुलवामा शहीदों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की श्रद्धांजलि, बोले – राष्ट्र सदैव रहेगा कृतज्ञ
पुलवामा आतंकी हमले की बरसी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र की रक्षा में बलिदान देने वाले वीरों का त्याग सदैव देश को प्रेरित करता रहेगा।
पुलवामा शहीदों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की श्रद्धांजलि, बोले – राष्ट्र सदैव रहेगा कृतज्ञ
रायपुर, 14 फरवरी 2026/ जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की बरसी पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले इन वीर सपूतों का त्याग और बलिदान सदैव देश को प्रेरणा देता रहेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में लिखा —
“जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए माँ भारती के अमर सपूतों को विनम्र नमन। राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले इन वीरों का त्याग और बलिदान सदैव देश को प्रेरित करता रहेगा। राष्ट्र उनके प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा।”
देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम
पुलवामा हमले की बरसी पर देशभर में श्रद्धांजलि सभाओं और स्मरण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विभिन्न राज्यों में शहीदों को याद करते हुए लोगों ने कैंडल मार्च, मौन धारण और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
छत्तीसगढ़ में भी अनेक स्थानों पर सामाजिक संगठनों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के संकल्प को दोहराया गया।
देश की सुरक्षा में सर्वोच्च बलिदान
14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। यह हमला देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जाता है। इसके बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए निर्णायक कार्रवाई की थी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शहीद जवानों का बलिदान देश की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष को नई मजबूती देता है। उन्होंने युवाओं से शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया।
राष्ट्र निर्माण में शहीदों की अमिट भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का योगदान केवल युद्धभूमि तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनता है। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता, सुरक्षा और सम्मान के लिए किए गए बलिदानों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।










