आगे बढ़ने के लिए रास्ते खुले हैं, महिलाएं कदम तो बढ़ाएं: संध्या चंद्रसेन………

संध्या चंद्रसेन को मिला सुषमा स्वराज अवार्ड आगे बढ़ने के लिए रास्ते खुले हैं, महिलाएं कदम तो बढ़ाएं: संध्या चंद्रसेन जरूरतमंद महिलाओं को आत्म-निर्भर बना रही विश्वास सोशल वेलफेयर सोसायटी
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ -भाजपा महिला मोर्चा, पश्चिम मंडल ने समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय आठ नारी शक्तियों को सुषमा स्वराज अवार्ड से सम्मानित किया । पुरस्कार प्राप्त करने वाली समाजसेवी महिलाओं में संध्या चंद्रसेन, आराधना त्रिपाठी, विद्धा गोवर्धन, शिमला शर्मा, मंजू मित्रा, ममता मिश्रा, सुलभा देशपांडे और सूजा माणेक शामिल हैं । ये अवार्ड भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष चंदना गोस्वामी ने प्रदान किये।

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सुषमा स्वराज अवार्ड से नवाजे जाने वाली महिलाओं में विश्वास सोशल वेलफेयर सोसायटी जरहाभाठा की सचिव संध्या चंद्रसेन भी हैं जो छत्तीसगढ़ में विगत आठ वर्षो से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं । संध्या यूँ तो नर्सिंग के बच्चों को कोचिंग और ट्रेनिंग देती हैं लेकिन इसके अलावा वे विविध कलाओं में पारंगत हैं । उनका कहना है जिनमें कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो मंजिल उनसे दूर नहीं। संध्या छत्तीसगढ़ में झाड़ू, चटाई, जूट का बैग, फिनाइल, डिटर्जेन्ट साबुन, दन्तमंजन, हैंडवाश और पेपर बैग बनाने का प्रशिक्षण देकर सैकड़ों महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध करा चुकी हैं और महिलाएं अब आत्मनिर्भर हो चुकी हैं । विश्वास सोशल वेलफेयर सोसायटी की स्थापना कर संध्या उपासना एजुकेशन ट्रस्ट के साथ मिलकर सैकड़ों जरूरतमंद युवतियों व महिलाओं को सेवा के अवसर प्रदान कर चुकी हैं । उनका कहना है कि जज्बा होना चाहिए। कोई काम कठिन नहीं है। बिना मेहनत किये कुछ भी हासिल नहीं हो सकता। महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर घर की आजीविका में बहुत बड़ी धुरी बन सकती हैं ।
संध्या ने महिलाओं का आव्हान किया कि वे घर की चहारदीवारी से एक बार बाहर तो निकले, उनके पढ़ने, लिखने और सिखने के रास्ते खुद उनका इंतजार कर रहे हैं । समाज में महिलाएँ नित नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर रही हैं फिर हमे भी डर और झिझक से बाहर निकलकर खुद को आत्म-निर्भर बनाना होगा तभी हम परिवार को आर्थिक दृष्टि से सशक्त बना सकते हैं ।