राजनांदगांव : सुपोषण अभियान के जागृति की दस्तक पहुंच रही शहर से लेकर गांव-गांव तक

राजनांदगांव : सुपोषण अभियान के जागृति की दस्तक पहुंच रही शहर से लेकर गांव-गांव तक

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जिला प्रशासन के नेतृत्व में 902 गंभीर कुपोषित बच्चों को मध्यम एवं सामान्य श्रेणी में लाने के लिए मिशन मोड में किया जा रहा कार्य

गंभीर कुपोषित बच्चों को सुपोषण किट देने के लिए हर वर्ग ने निभाई सहभागिता

902 गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए 902 सुपोषण किट देने में सबका रहा योगदान

पोषण तत्वों से भरपूर मुर्रा लड्डू, घी-आटे की पंजीरी, चना-गुड़ के साथ ही दिया जा रहा पौष्टिक आहार

कहते हैं कि शिद्दत से की गई कोशिश रंग लाती है। सुपोषण अभियान के जागृति की दस्तक शहर से लेकर गांव-गांव तक पहुंच रही है। सुपोषण की दिशा में जिले में सशक्त कदम बढ़ाये गये हैं। कलेक्टर श्री डोमन सिंह के आव्हान पर जिले में हर वर्ग के नागरिक चाहे वह जनप्रतिनिधि हो, अधिकारी-कर्मचारी हो, स्वयं सेवी संस्था हो, सामाजिक संस्था हो, या फिर डॉक्टर, शिक्षक या आम नागरिक। सभी ने सुपोषण अभियान में अपनी बहुमूल्य सहभागिता दी है। जिला प्रशासन के नेतृत्व में 902 गंभीर कुपोषित बच्चों को मध्यम एवं सामान्य श्रेणी में लाने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। गंभीर कुपोषित बच्चों को सुपोषण किट दिया जा रहा है। वहीं आम नागरिकों में सुपोषण के प्रति जागृति लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। सुपोषण किट देने के लिए सभी जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वयं सेवी संस्था, सामाजिक संस्था, एनजीओ, उद्योगपति, अधिकारी-कर्मचारी, डॉक्टर, शिक्षक, महिला स्वसहायता समूह, राजीव युवा मितान क्लब के सदस्यों तथा आम नगरिकों ने बीड़ा उठाया है। कलेक्टर ने सुपोषण के लिए लाने के लिए पोस्टर, बैनर के माध्यम से जनसामान्य में जागृति लाने के लिए कहा है।

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उल्लेखनीय है कि गंभीर कुपोषित बच्चों को सुपोषण किट वितरण किया जा रहा है। सुपोषण किट में बच्चों के लिए पोषण तत्वों से भरपूर मुर्रा लड्डू, घी-आटे की पंजीरी, चना-गुड़ उपलब्ध है। जिससे बच्चों को मध्यम या सामान्य की श्रेणी में लाने में मदद मिलेगी। बच्चोंं को आंगनबाड़ी केन्द्रों में पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। कलेक्टर ने गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। उनके सुपोषण तथा स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को समन्वित तरीके से कार्य करने के लिए कहा है। कलेक्टर डोमन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अमित कुमार, एसडीएम श्री अरूण वर्मा, तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता एवं अन्य अधिकारियों ने बच्चों को गोद लेकर उनके सुपोषण की जिम्मेदारी उठाई हैं। सुपोषण किट देने में जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, पार्षद, स्वयं सेवी संस्था उद्याचल, एबीस ग्रुप, बाल स्वास्थ्य अकादमी, स्वसहायता समूह सबका योगदान रहा। कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती गुरप्रीत कौर ने बताया कि जिले के 337 ग्राम पंचायतों में 902 गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए 902 सुपोषण किट की व्यवस्था की गई है। सुपोषण किट की व्यवस्था करने में 93 जनप्रतिनिधि, 51 सामाजिक संस्था, एनजीओ व उद्योग, 129 अधिकारी-कर्मचारी, 7 डॉक्टर, 30 शिक्षक, 147 महिला समूह, 8 राजीव मितान क्लब तथा 157 अन्य नागरिकों द्वारा सुपोषण किट दिया जा रहा है।