शत-प्रतिशत महतारी सुरक्षा अभियान : मोबाइल एप का शुभारंभ

सूरजपुर : शत-प्रतिशत महतारी सुरक्षा अभियान : मोबाइल एप का शुभारंभ

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हिमाचल बघेल/कलेक्टर सुश्री इफ्फत आरा अध्यक्षता में जिला कार्यालय के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आहूत की गई। जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, वन मण्डलाधिकारी, डिप्टी कलेक्टर प्रियंका वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी, गायत्री परिवार के प्रतिनिधि, विकास खण्ड स्तर से परियोजना अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, ए.एन.एम., स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
गर्भवती माताओं को समय पर दवाई एवं शासन की सभी योजनाओं का लाभ प्रदान हो सके इस उद्देश्य से शत-प्रतिशत महातारी सुरक्षा अभियान मोबाईल एप्प का शुभारंभ किया गया। इस मोबाईल एप्प के माध्यम से एक गर्भवती माता को शासन की सभी योजनाओं का लाभ प्रदान करते हुए उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को स्वस्थ्य पूर्वक जन्म देने हेतु प्रेरित करना है। इस एप्प के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत जननी सुरक्षा योजना, श्रम विभाग अंतर्गत भगनी प्रसुती योजना, पंचायत विभाग द्वारा पंजीकृत मनरेगा माताओं को लाभ प्रदान करना है। इस एप्प के माध्यम से गर्भवती माताओं के डाटा संधारण में मदद मिलेगी तथा आकड़ो में एकरूपता रहेगी। इसके साथ ही त्वरित डाटा उपलब्ध रहेगा, जिससे जिले के स्वास्थ्य एवं पोषण के आकड़ों पर निगरानी रखी जा सकती है। साथ ही इस एप्प के माध्यम से ऐसी माताओं को चिन्हांकित किया जा सकता है। जिन्हें विशेष देखभाल की आवश्यकता है। जिले में लगभग 9 हजार गर्भवती माताएं हैं, जिन्हें एक विशेष प्रकार का कार्ड प्रदान किया जावेगा। जिससे वे अपना स्वयं मूल्यांकन कर सकें और समय पर दवाई का सेवन कर सकें साथ ही स्वास्थ्य जांच का भी लाभ अपने एवं अपने गर्भ में पल रहे शिशु को दे सकें।
कुपोषण को दूर करने के उद्देश्य से जिले में पूर्व से संचालित 3 पोषण पुनर्वास केन्द्र के स्थान पर वर्तमान में 7 पोषण पुर्नवास केन्द्र संचालित हो रहें है जिनके माध्यम से कुपोषित बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है।
गर्भावस्था के दौरान माता के गर्भ में पल रहे बच्चे का गर्भ में ही 80 प्रतिशत विकास हो जाता है, ऐसी स्थिति मं गर्भ में ही बच्चे को विशेष आहार, पोषण, उचित ढंग से बच्चे का लालन-पालन करना चाहिए जिससे बच्चे स्वस्थय एवं संस्कारी हो।
जिले में हेल्थ फ्राईडे के माध्यम से 841 शिविर का आयोजन किया गया जिसमें जिले को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ इस कारण विकास खण्ड के सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों एवं परियोजना अधिकारियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर उन्हें भविष्य में भी इसी प्रकार कार्य का क्रियान्वयन किये जाने हेतु कलेक्टर के द्वारा निर्देशित किया गया। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के गर्भवती की महिलाओं की सतत् निगरानी के लिए यह एप सहायक हो सकता है। शत-प्रतिशत इस एप को चलाना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। तभी इसका सकारात्मक परीणाम मिलेगा।
इस अवसर पर कलेक्टर के द्वारा मिलट्स मिशन अंतर्गत मोटे अनाज को बढ़ावा देने हेतु ब्रोशर का विमोचन भी किया गया। जिससे आम जनता के द्वारा मोटे अनाज को अपने दैनिक जीवन में उपयोग करें एवं उनका स्वास्थ्यगत लाभ लें सकें।
गायत्री परिवार के प्रतिनिधि सुधा चौधरी के द्वारा गर्भवती माताओं को उनके बच्चें की उचित देखभाल के संबंध में विशेष प्रस्तुत की गई। जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि बच्चे का केवल मानसिक या शारीरिक ही नहीं अपितु सामाजिक, आध्यात्मिक रूप से भी स्वस्थ्य होना आवश्यक है। बच्चा जब गर्भ में हो तो माता-पिता के क्रियाकलापों के आधार पर ही बच्चे के मस्तिष्क का विकास होता है। बच्चा गर्भ में 24 घंटे में 5 हजार शब्द को सीख सकता है अतः ऐसी स्थिति में बच्चे गर्भ में रहते हुए अच्छी अच्छी बातें करनी चाहिए, पौराणीक कहानियां धार्मिक ग्रंथ पढ़नी चाहिए, इस दौरान मोबाईल के उपयोग से बचना चाहिए। जिससे एक स्वस्थ्य एवं सामाजिक शिशु का जन्म हो सके। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कलेक्टर महोदया की विदाई भी की गई और उन्हें पुस्तक एवं उपहार देकर विदाई दी गई। इस दौरान सीडीपीओ सूरजपुर, रामानुजनगर, ओड़गी, सिलफिली, प्रेमनगर, प्रतापपुर, सुपरवाईजर दीपा बैरागी, कार्यकर्ता संघ अध्यक्ष पुष्पा सरजाल सहित अन्य 48 सुपरवाईजर उपस्थित थे।