सेना, असम राइफल्स मणिपुर जाने वाले मालवाहक ट्रकों को सुरक्षा प्रदान कर रहे

सेना, असम राइफल्स मणिपुर जाने वाले मालवाहक ट्रकों को सुरक्षा प्रदान कर रहे

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इम्फाल/ सेना और असम राइफल्स मणिपुर जाने वाले मालवाहक ट्रकों को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं, ताकि हिंसा प्रभावित राज्य में जरूरी वस्तुओं की लगातार आपूर्ति बनी रहे। रक्षा सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। रक्षा प्रवक्ता का कहना है कि इसके अलावा ड्रोन से वाहनों की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है। प्रवक्ता ने कहा कि 15 मई से जरूरी वस्तुओं, खाद्यान्न, दवाओं और अन्य महत्वपूर्ण चीजों को ले जाने वाले लगभग 130 वाहन विभिन्न राजमार्गों के माध्यम से मणिपुर में प्रवेश कर चुके हैं।

आगे कहा कि मणिपुर में जातीय हिंसा के दौरान, गैर-आदिवासी मेइती समुदाय-बहुल इंफाल घाटी को जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बंद कर दी गई थी। हिंसा की वजह से सड़क की नाकाबंदी कर दी गई थी, जिसके चलते ट्रांसपोर्टरों में डर था। रक्षा पीआरओ ने कहा, इसके परिणामस्वरूप राज्य में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति घट रही थी और गंभीर स्तर पर पहुंचने लगी थी। आगे कहा कि इसलिए सेना और असम राइफल्स ने इम्फाल घाटी और मणिपुर के अन्य हिस्सों से इस तरह के सामान को ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम बढ़ाया।

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सोमवार को चावल, चीनी, दाल और ईंधन ले जाने वाले ट्रकों, ईंधन टैंकरों सहित 28 वाहनों का एक काफिला सीआरपीएफ और मणिपुर पुलिस के संरक्षण में नोनी जिले से इम्फाल के लिए रवाना हुआ। मंगलवार और बुधवार को जरूरी वस्तुओं को लेकर 100 वाहन और पहुंचे। असम राइफल्स ने काफिले को सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में सरक्षा प्रदान की थी। जिसके चलते दोपहर तक इंफाल घाटी में काफिला सुरक्षित पहुंच गया था। रक्षा सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा बल सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इंफाल-दीमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच37) पर वाहनों की आवाजाही शुरू करना इस दिशा में एक और कदम है। मणिपुर में 3 मई से चली आ रही जातीय हिंसा में 73 लोगों की जान चली गई और 250 अन्य घायल हुए। जबकि 1,800 घरों को नष्ट कर दिया गया था और बड़ी संख्या में सरकारी और निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा था।