पंजाब सरकार ने मजीठिया पर ड्रग्स मामले की जांच के लिए दोबारा बनाई एसआईटी

पंजाब सरकार ने मजीठिया पर ड्रग्स मामले की जांच के लिए दोबारा बनाई एसआईटी

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शिरोमणि अकाली दल के नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़े ड्रग मामले की जांच अब नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) करेगी। जांच के लिए एसआईटी का दोबारा गठन किया गया है।
पुलिस महानिरीक्षक (पटियाला रेंज) एम.एस. छीना अब सतर्कता ब्यूरो के निदेशक राहुल एस के स्थान पर एसआईटी का नेतृत्व करेंगे। मजीठिया पर दिसंबर 2021 में ड्रग्स तस्करों की मदद करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।

शिरोमणि अकाली दल ने रविवार को नई नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख को बदलने में कोई नई बात नहीं है, क्योंकि भगवंत मान के नेतृत्व वाली आप सरकार अधिकारियों को वरिष्ठ अकाली नेता के खिलाफ सरकार की लाइन पर चलने के लिए मजबूर कर रही है।

आप सरकार पर तीखा हमला करते हुए पार्टी के लीगल सेल के प्रमुख अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि सभी मोर्चो पर काम करने में विफल रहने के बाद सरकार पंजाबियों का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है और यह पहली बार नहीं है जब एसआईटी के प्रमुख बदल दिया गया है।

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उन्होंने कहा कि सरकारों द्वारा लिखी गई राजनीतिक कहानियों पर काम करने से जिसने भी इनकार किया, उसे हमेशा बदला गया और कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दो महाधिवक्ता और तीन डीजीपी का बदलना इसका सबूत है।

उन्होंने कहा कि डीजीपी ने केवल अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए यह मामला दर्ज कराया और अब सरकार अधिकारियों पर अपनी राजनीतिक सोच के अनुसार काम करने का दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसा करते हुए सरकार यह भूल गई है कि बिक्रम सिंह मजीठिया को जमानत देते समय पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा था कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है और यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक प्रतीत होता है।

उन्होंने कहा कि इस मामले को दर्ज हुए डेढ़ साल से अधिक का समय बीत चुका है। आज तक सरकार और पुलिस इस मामले में चालान पेश करने में विफल रही है, क्योंकि मजीठिया द्वारा गलत काम करने का कोई सबूत नहीं था।