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गोधन न्याय योजनाः गौठानों में मिल रहा है रोजगार, सपने हो रहे साकार

गोधन न्याय योजनाः गौठानों में मिल रहा है रोजगार, सपने हो रहे साकार

समूह की महिलाएं योजना से आत्मनिर्भर होकर परिवार का कर रही आर्थिक सहयोग

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सतीश जायसवाल/ न्यूज रिपोर्टर/बलरामपुर/ राज्य में गोधन न्याय योजना लोगों के आर्थिक आत्मनिर्भर कर उनके के सपनों को साकार कर रहा है। गौठान में संचालित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्व-सहायता समूह की महिलाएं अब सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त होने की दिशा में अग्रसर है। गांव-गांव में गोबर खरीदी से ग्रामीणजन कई तरह के सुविधाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग ग्रामीण महिलाएं अब अपने बच्चों की स्कूली पढ़ाई-लिखाई के साथ कई छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में कर रहें हैं। यह मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की दूरदर्शिता का सुखद नतीजा है कि आज छत्तीसगढ़ में संचालित गोधन न्याय योजना से जुड़कर लोग अपने सपनों को साकार कर रहे हैं।
जिले के वाड्रफनगर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत करमडीहा (ब) गौठान की रीना कुशवाहा कहती हैं कि वे इस योजना से जुड़कर अपने बच्चे के पढ़ाई के सपने को पूरा कर पा रही है। कृष्णा महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी श्रीमती कुशवाहा कहती है कि हमने पहले कभी नहीं सोचा था कि किसी एक स्थान पर ऐसी बहुत सारी गतिविधियां हो सकती है, जहां हम विभिन्न तरीकों से आय अर्जन कर सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे उनकी वजह से वे आत्मनिर्भर हो सकी हैं। उन्होंने बताया कि वे गौठान में मशरूम उत्पादन एवं सब्जी उत्पादन से जुड़ी है, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हो जाती है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि वे एक छोटी सी किराने के दुकान का संचालन करती हैं, जो शासन के योजनाओं से हुए लाभ से ही संभव हो पाया है। वे बताती है कि आज वे 70 से 80 हजार रूपये वार्षिक अर्जित कर लेती है। इस आमदनी से उन्हें न केवल अपना घर बनाने में सहयोग हुआ बल्कि अपने बेटे को भी वे अच्छी शिक्षा दे पा रही हैं।
बसंतपुर आदर्श गौठान की श्रीमती आरती सिंह बताती है कि वे आस्था महिला स्व-सहायता समूह के जरिए इस गौठान से जुड़ी हैं। आज वे गौठान में वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन से अच्छा-खासा लाभ अर्जित कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन से गौठान में तीन से साढ़े तीन लाख रूपये तक की आय हो चुकी है। उन्होंने बताया कि आमदनी अच्छी होने से अब वे काफी अच्छा महसूस करती हैं, आजीविका का यह नया मार्ग उन्हें शासन के इस योजना से ही मिला है, जिसके लिए उन्होंने शासन का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि अपनी आमदनी का उपयोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए कर रही हैं।

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