सिविल टर्मिनल का शुभारंभ कानपुर में एक नए युग का सूत्रपात: सीएम योगी

सिविल टर्मिनल का शुभारंभ कानपुर में एक नए युग का सूत्रपात: सीएम योगी

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कानपुर, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानपुर अपनी आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए विख्यात रहा है। स्वतंत्र भारत में कानपुर ने औद्योगिक क्रांति की लौ न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश भर में फैलाने का काम भी किया था। देश के सबसे बड़े महानगरों में कानपुर की गिनती होती थी। जैसे-जैसे उद्योग धंधे बंद होते गए, यहां से पलायन होता गया और यह विकास में पिछड़ता गया। आज फिर से एक नए युग का सूत्रपात इस सिविल टर्मिनल के साथ हो रहा है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कानपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि लोगों की कनेक्टिविटी जितनी आसान होगी, उतना ही लोग विकास के प्रति आग्रही बनकर के आगे बढ़ते हैं और कानपुर इससे अलग नहीं है। उत्तर प्रदेश में जिन नगरों में एयर कनेक्टिविटी बेहतर हुई है, वहां पर नए उद्यम आए हैं।

चुनावों में भाजपा की महापौर प्रत्याशी को चुनने के लिए कानपुर के लोगों का आभार जताते हुए योगी ने कहा कि विकास की जिस प्रक्रिया को छह साल पहले शुरू किया गया था, उसे प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। नए सिविल एंक्लेव का तोहफा उसी विकास की प्रक्रिया का हिस्सा है।

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सीएम ने कहा कि कानपुर की सड़क कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है, उसे और बेहतर बनाने का कार्य हो रहा है। प्रदेश के अंदर हम वाटरवे अथॉरिटी के गठन की एक प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं। हम उन संभावनाओं पर काम करेंगे कि जैसे नेशनल वाटरवे नंबर 1 हल्दिया से वाराणसी तक प्रारंभ हो चुका है और प्रयागराज तक बढ़ रहा है, उसी तरह कानपुर को भी इस वाटरवे की सुविधा के साथ जोड़ा जा सकता है।

सीएम योगी ने बीते कुछ वर्षों में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले नौ वर्ष के अंदर बदलते हुए भारत को दुनिया ने देखा है। उसका लाभ देश को भी मिल रहा है और सबसे बड़ी आबादी का राज्य होने के नाते उत्तर प्रदेश को भी मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में यदि आपको परिवर्तन देखना हो तो वह नागर विमानन के क्षेत्र में पिछले छह वर्ष के अंदर देखने को मिला है। 2017 में यहां 2 एयरपोर्ट ऑपरेशनल थे और दो आंशिक रूप से क्रियाशील थे। आज नौ एयरपोर्ट ऑपरेशनल हैं और 12 पर कार्य हो रहा है। हम कह सकते हैं कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में लगभग हर कमिश्नरी स्तर पर एक एयरपोर्ट अवश्य होगा और लोगों के आवागमन को और सरल बनाने के लिए कार्य होगा।