राजनाथ ने बस्तर के लोगों को फिर से ठगने के लिये झूठ बोला : कांग्रेस

15 साल तक भाजपा द्वारा किये गये शोषण के लिये माफी भी नहीं मांगी : मरकाम

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

रायपुर । केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कांकेर प्रवास से एक बार फिर बस्तर की जनता ठगी गयी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि राजनाथ सिंह मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री है लेकिन उन्होंने अपने बस्तर प्रवास के दौरान बस्तर के विकास के लिये एक शब्द भी नहीं बोला सिर्फ भाजपा के राजनैतिक हितों के लिये झूठ बोलने का काम किया। राजनाथ सिंह के पहले भी दर्जन भर केंद्रीय मंत्री बस्तर आ चुके है लेकिन किसी ने भी बस्तर की जनता के लिये अपने किसी ने भी बस्तर की जनता के लिये अपने विभाग की एक भी योजना की घोषणा नहीं किया। आदिवासियों के शोषण के जिम्मेदार रमन सिंह को राजनाथ ने मंच पर बैठाकर लोगों को मुंह चिढ़ाया।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

पीसीसी चीफ ने कहा कि भाजपा कल भी आदिवासी विरोधी थी, आज भी आदिवासी विरोधी है। 15 साल के भाजपा के शासन काल में बस्तर के आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार को भाजपा ने बंधक बनाकर रखा था। 15 सालों तक बस्तर के आदिवासी सुरक्षा बलों और नक्सलवाद के दो पाटों में पिस रहे थे। छोटी-छोटी धाराओं में मासूम आदिवासियों को वर्षों तक जेल की सलाखों में बंद रखा गया था। उनकी जमीनों को कौड़ियों के दाम लूटने का षड्यंत्र रचा गया। जल, जंगल, जमीन, पर आदिवासियों के नैसर्गिक अधिकारों का हनन किया गया था।उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से आदिवासियों की शोषक रही है। लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की अधिग्रहित जमीनों को रमन सरकार ने लैड बनाकर जप्त किया था, कांग्रेस सरकार ने उसे वापस किया। 15 सालों तक साढ़े पांच लाख से अधिक वन अधिकार पट्टों को लंबित रखा था? बस्तर में हजारों आदिवासियों को नक्सली बताकर भाजपा की सरकार ने वर्षों से जेलों में बंद रखा था, कांग्रेस की सरकार ने उनकी रिहाई शुरू करवाया। बस्तर में 400 से अधिक स्कूल भाजपा सरकार ने बंद कर दिया था। बस्तर में लोग डायरिया, मलेरिया से मरते रहे, भाजपा कभी आदिवासियों के स्वास्थ्य का ख्याल नहीं आया। आदिवासियों के संबंध में उनके अधिकारों के संबंध में कुछ भी बोलने के पहले समूची भाजपा को छत्तीसगढ़ के 32 प्रतिशत आदिवासी समाज से माफी मांगनी चाहिये। भाजपा के 15 सालों में छत्तीसगढ़ के आदिवासी ठगे गये, उनकी प्रगति को रोकने का षड़यंत्र रचा गया था।छल कपट कर 15 साल तक रमन सरकार निर्दोष आदिवासियों को जेल में बन्द किया जाता रहा, रमन सिंह सरकार में पांचवी अनुसूची क्षेत्रो को मिले कानूनी अधिकारों को दरकिनार कर ग्राम सभा के अनुमोदन के बिना हजारों आदिवासी से जमीन छीनी गई, रमन सिंह सरकार में नक्सली बताकर आदिवासियों के मासूम बच्चों को मुठभेड़ में मारा गया, झलियामारी बालिका गृह में हुई बलात्कार की घटना, मीना खलखो, पेद्दागेल्लूर, सारकेगुड़ा की घटना, बस्तर क्षेत्र के युवाओं को सरकारी नौकरी से वंचित रखा गया आउटसोर्सिंग से भर्ती कर उनके हक अधिकार को बेचा गया, रमन सरकार के दौरान तेंदूपत्ता संग्राहकों की लाभांश में हेराफेरी की गई, चरणपादुका खरीदने में भ्रष्टाचार किया गया, 5 लाख वनाधिकार पट्टा निरस्त किया गया था, पूर्व की रमन सरकार के दौरान निरन्तर आदिवासी वर्ग पर अत्याचार हुआ उनके अधिकारो का हनन किया गया। आदिवासी कल्याण के नाम से सरकारी योजना बनाकर बंदरबाट किया गया। इन सब के लिये भी जे.पी नड्डा बस्तर की जनता से माफी मांगे।