इस विधायक को कोर्ट ने ठहराया दोषी, सुनाई 1 साल की सजा, 10 हजार जुर्माना, जानिए क्या है पूरा मामला……

भोपाल। कांग्रेस नेता जीतू को एमपी एमएलए कोर्ट ने 14 साल पुराने एक केस में एक साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. पटवारी को भोपाल की MP-MLA कोर्ट ने 2009 के मामले में दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा सुनाई है. जीतू पटवारी समेत उनके सहयोगियों को शासकीय कार्य में बाधा डालने और बलवे समेत कई आरोपों में सजा सुनाई गई है. जीतू पटवारी ने इस मामले पर ट्वीट कर कोर्ट के निर्णय का सम्मान किया है. इसके साथ ही कोर्ट ने जीतू पटवारी को जमानत भी दे दी है. इस दौरान पटवारी कोर्ट में मौजूद रहे. उनके वकील ने कहा- हम अपर कोर्ट में अपील करेंगे.

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इस मामले में पटवारी के अलावा उज्जैन कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र मरमट, जिला पंचायत अध्यक्ष राजगढ़ चंदर सोंधिया और पूर्व विधायक राजगढ़ कृष्णमोहन मालवीय को सजा सुनाई गई है. इस दौरान पटवारी खुद कोर्ट में मौजूद रहे. विधायक पटवारी के वकील अजय गुप्ता ने कहा, ‘इस फैसले से जीतू पटवारी की विधायकी पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हम अपर कोर्ट में अपील भी करेंगे.’ बता दें 2009 में राजगढ़ जिले में यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रहते जीतू पटवारी ने आंदोलन किया था.

जानें क्या है पूरा मामला?

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1 सितंबर 2009 को युवा कांगेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किसानों, बिजली, पानी जैसे मुददों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया था. कांग्रेसी कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे. इस प्रदर्शन में जीतू पटवारी समेत दिग्विजय सिंह जैसे नेता शामिल थे. इस प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ था और कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़ की गई थी. इस मामले में कांग्रेस नेता जीतू पटवारी, पूर्व विधायक कृष्ण मोहन मालवीय, कांग्रेस नेता चंदर सिंह सौंधिया, पंकज यादव पचोर, बब्लू दुबे, सुल्तान सिंह, घनश्याम वर्मा सहित कुल 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.

जीतू पटवारी ने कही यह बात:

वहीं, जीतू पटवारी ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि, “माननीय न्यायालय, के निर्णय का पूरा सम्मान है। जनहित के लिए संघर्ष जनप्रतिनिधि की मौलिक पहचान है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए मैं संघर्ष करता रहूंगा, जन अधिकारों की लड़ाई के लिए हर कीमत चुकाने के लिए भी तैयार रहूंगा।”

उन्होंने आगे कहा कि, “मेरे नेता आदरणीय राहुल गांधी जी भी राजनीतिक द्वेषता से प्रेरित ऐसे ही मुकदमे का सामना कर रहे हैं! हम संविधान की विचारधारा से जुड़े जनता के सेवक और INCIndia के सच्चे सिपाही हैं! नफरत के खिलाफ मोहब्बत की लड़ाई लड़ते रहेंगे!”