ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर लिया करोड़ो का टैंडर – नवीन अग्रवाल*

*ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर लिया करोड़ो का टैंडर – नवीन अग्रवाल*

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

*सड़क निर्माण में चल रहा घोटाला*
*स्टीमेट को दरकिनार कर किया जा रहा है सड़क निर्माण – नवीन अग्रवाल*

*मंत्री शिव कुमार डहरिया जी ने कहा था नगर का मुख्य मार्ग है इसमे कोई समझौता नहि किया जाएगा – नवीन अग्रवाल*

*बीजेपी शासन काल मे स्वयं इसी सड़कों मे कोंग्रेसिया ने किया था पौधारोपण – नवीन अग्रवाल*

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

*डोंगरगढ*-जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश कोर कमेटी सदस्य नवीन अग्रवाल ने कहा कि नगर के गोलबाजार से बिरला ऑफिस और गोलबाजार से रेलवे चौक तक मुख्य मार्ग की हालत इतनी जर्जर हो चुकी थी कि सड़क में गड्ढा है या गड्ढो में सड़क यह समझ पाना मुश्किल था, आय दिन इन मार्गो में दुर्घटनाए होती थी। कई वर्षों तक इन मार्गो की दुर्दशा बनी हुई थी, बीजेपी शासनकाल में स्वम कांग्रेसियों ने सड़को में पौधारोपण कर इसका विरोध प्रदर्शन किया था लेकिन इस मार्ग का निर्माण नहीं हुआ। जैसे तैसे कांग्रेस सत्ता में आई तो नगरीय निकाय मंत्री शिवकुमार डहरिया ने नगरवासियों की इस वर्षो पुरानी मांग को गम्भीरता से लेते हुए इसके निर्माण के लिए 1 करोड़ 82 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की लेकिन राशि आने के एक साल बाद भी सड़क का निर्माण प्रारंभ नहीं किया गया और जैसे तैसे निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया तो तब जब लॉक डाउन खुल गया यदि इसी सड़क का निर्माण लॉक डाउन में किया जाता तो बिना किसी आवागमन बाधा के अच्छे ढंग से हो सकता था।
नवीन अग्रवाल ने कहा कि डामरीकृत सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है और निर्माण कार्य प्रारंभ होते ही इसकी गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे थे जबकि राशि स्वीकृत करते वक्त मंत्री श्री डहरिया ने कहा था कि यह नगर का मुख्य मार्ग है इसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए किन्तु मंत्री के निर्देशों और जनता के हित को दरकिनार कर केवल स्वार्थ सिद्धि के लिए ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार को नाम बदलकर फर्जी दस्तावेज के आधार पर करोड़ों का ठेका दे दिया गया।
सवाल यह है कि क्या स्टीमेट में डामर की फस्ट लेयर की ऊंचाई 2 इंच है लेकिन मौके पर कहीं एक इंच तो कहीं सवा इंच ही डामर डाली गई है। इसी तरह लास्ट लेयर भी 2 इंच की होनी थी लेकिन उसमें भी कहीं एक इंच तो कहीं सवा इंच डामर ही डाला गया है जो गुणवत्ता के साथ समझौता है।

राजनांदगांव से मानसिंग की रिपोर्ट=====