Raksha Bandhan 2025 : भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन पर्व कल,जानें कब से कब तक रहेगा शुभ मुहूर्त?

Raksha Bandhan 2025 : रक्षाबंधन का पर्व हर साल श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। यह दिन भाई-बहन के अटूट रिश्ते, स्नेह और सुरक्षा के वचनों का प्रतीक होता है। इस वर्ष रक्षाबंधन कल यानी 9 अगस्त 2025, शनिवार को मनाया जाएगा।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

खास बात यह है कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, भद्रा 9 अगस्त को तड़के 1 बजकर 52 मिनट पर समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद पूरे दिन राखी बांधने का पर्व धूमधाम से मनाया जा सकेगा।

भद्रा काल में नहीं किया जाता शुभ कार्य
शास्त्रों में भद्रा काल में किसी भी तरह के शुभ कार्य करने को अनुचित माना जाता है। खासकर रक्षाबंधन और होलिका दहन के दिन यदि भद्रा काल हो तो उस दिन भद्रा काल समाप्त होने के पश्चात ही शुभ कार्य करना चाहिए। प्रायः रक्षा बंधन पर भद्रा काल का साया होता है, इस साल 9 अगस्त 2025 को पड़ रहे रक्षा बंधन की पूर्व रात्रि पर भद्रा काल है, लेकिन रक्षा बंधन शुरू होने से पूर्व भद्रा काल समाप्त हो रहा है, इसलिए बहनें अपने भाई की कलाई पर सुबह 5.47 बजे से लेकर दोपहर 1.24 बजे तक के शुभ मुहूर्त में रक्षा सूत्र बांध सकेंगी। यानी बहनों को कुल 7 घंटे 37 मिनट तक का समय मिलेगा जिसमें वे अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम की डोरी बांध सकेंगी।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

इस दिन बुध ग्रह का कर्क राशि में उदय भी हो रहा है, जो ज्योतिष दृष्टि से शुभ संकेत माना जा रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूलता के चलते यह रक्षाबंधन विशेष रूप से फलदायी बताया जा रहा है।

भद्रा काल 8 अगस्त को रात्रि 2 बजे तक
जानकारों के अनुसार 8 अगस्त को दोपहर बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो रही है और दोपहर 2.12 बजे से भद्रा काल भी शुरू हो रहा है जो रात्रि 1.52 बजे तक रहेगा। शास्त्रों में उदयाकाल यानी सूर्योदय पर पड़ने वाली तिथि को विशेष महत्व दिया गया है, इसलिए 9 अगस्त को सूर्योदय काल में पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि पर रक्षा बंधन मनाना श्रेष्ठ होगा। इस दिन श्रवण नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है।