15 अगस्त तक मत्स्याखेट प्रतिबंधित, उल्लंघन पर कारावास और पांच हजार का जुर्माना

प्रभा सिंह यादव/ब्यूरो चीफ/ सरगुजा// वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें संरक्षण देने हेतु जिले में छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम 1972 की धारा 3 तथा उपधारा 2 के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक बंद ऋतु के रूप में घोषित कर मत्स्याखेट प्रतिबंधित कर दिया गया है। उप संचालक मछली पालन ने बताया है कि प्रतिबंधित अवधि में जिले के समस्त नदियोंए नालों छोटी नदियों तथा सहायक नदियों में मत्स्याखेट पूर्णतः निषिद्ध रहेगा। नियमो का उल्लंघन करने एवं दोष सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा 5 हजार रुपये का जुर्माना अथवा दोनो एक साथ होने का प्रावधान है। उन्होंने बताया है कि तालाब या जलाशय में किये जा रहे केज कल्चर तथा केवल छोटे तालाब या अन्य स्रोत जिसका संबंध नदी-नालों से नही है यह नियम लागू नही होगा।

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