अम्बिकापुर :वीर बाल दिवस पर गुरू गोविंद सिंह के बलिदान और उनके सुपुत्रों की शहादत को किया गया याद

अम्बिकापुर :वीर बाल दिवस पर गुरू गोविंद सिंह के बलिदान और उनके सुपुत्रों की शहादत को किया गया याद

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अम्बिकापुर के मल्टीपरपज विद्यालय में आयोजित “वीर बाल दिवस“ के अवसर पर मंगलवार को लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने उपस्थित होकर गुरू गोविंद सिंह जी के परिवार के बलिदान और उनके सुपुत्रों की शहादत को याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान विधायक मिंज ने कहा कि आज हम भारत सरकार के निर्देशानुसार वीर बाल दिवस मना रहें हैं, भारत के वीर नायकों के इतिहास को जानने का और सीखने का हमें अवसर मिल रहा है। आज बहुत महत्वपूर्ण दिवस है, यह कार्यक्रम वास्तव में इतिहास को जानने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि देश के महान सपूतों को सादर नमन, जो मुगलों के सामने नहीं झुके और संघर्ष किया। धर्म के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले गुरु गोविंद सिंह के चारों बालक शहीद हुए, इनमे से दो बालक बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह छोटी अवस्था में भी अपने आदर्शों पर अडिग रहे, उन्होंने प्राण देना स्वीकार दिया परन्तु झुकना नही स्वीकारा ऐसे वीर सपूतों को मैं नमन करता हूं। उनके बलिदान और समर्पण की याद में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर पूरे देश में वीर बाल दिवस मनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित कलेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि वीर बाल दिवस के बहुत से मायने है, गुरु गोविंद सिंह के पुत्र साहिबजादे बाबा फतेह सिंह और जोरावर सिंह, जिनकी उम्र मात्र सात साल और नौ साल थी, उन्होंने इस बाल अवस्था में साहस और वीरता के साथ अपने धार्मिक मूल्यों को सहेजने के लिए अदम्य साहस दिखाया, ऐसे वीरों को मैं नमन करता हूं। उनके साहस और गाथा को याद करने, जन-जन तक पहुचाने, बच्चों और युवाओं में साहस जागृत करने आज हम सब यह दिवस मना रहै हैं। कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त श्री अभिषेक कुमार, स्थानीय जनप्रतिधि, अधिकारी कर्मचारी तथा विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
बता दें कि शासन द्वारा 26 दिसम्बर को “वीर बाल दिवस“ के रूप में मनाने का निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया। 09 जनवरी 2022 को गुरू गोविन्द सिंह के प्रकाश पर्व के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा की थी कि 26 दिसम्बर को दसवें सिख गुरू गोविन्द सिंह के पुत्रों साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत की स्मृति में “वीर बाल दिवस“ के रूप में मनाया जाएगा। “वीर बाल दिवस“ मनाया जाने का प्रमुख उद्देश्य साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह जी एवं साहिबजादा फतेह सिंह जी की शहादत की याद करना एवं उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करना है।