भगवान श्रीराम के शुभागमन की प्रतीक्षा में राममय हुआ राजनांदगांव जिला

भगवान श्रीराम के शुभागमन की प्रतीक्षा में राममय हुआ राजनांदगांव जिला
– अयोध्या में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा-रामोत्सव के लिए जनसामान्य में अभूतपूर्व उल्लास एवं आनंद
– जनमानस में रचे-बसे श्रीराम की जीवन की कथाएं प्रेरक एवं मार्गदर्शक
हमारा शहर जैसे अयोध्या हो गया है…
– विरले होते हैं ऐसे संयोग
– कहीं दिया खरीदते लोग, तो कहीं प्रभात फेरी, कहीं मंदिर एवं देवालयों में घंटियों एवं प्रार्थना की मंगल ध्वनि
– संस्कारधानी में रामोत्सव को दीपोत्सव के रूप में मनाया जाएगा
– दिग्विजय स्टेडियम में प्रज्जवलित होंगे 5 लाख से अधिक दीप
राजनांदगांव 20 जनवरी 2024। भगवान श्रीराम के शुभागमन की प्रतीक्षा में राममय हुआ राजनांदगांव जिला। 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा-रामोत्सव के लिए जनसामान्य में अभूतपूर्व उल्लास एवं आनंद है। श्रीराम की कथा न केवल भारत बल्कि वियतनाम, इंडोनेशिया देश-विदेश तक फैली हुई है। युग-युगांतर तक भारतीय संस्कृति में राम कथाएं पुष्पित पल्लवित होती आयी हैं। सहज, सरल एवं जीवंत जनमानस में रचे-बसे श्रीराम के जीवन की कथा में संयोग एवं वियोग की कथाएं हैं। पिता के वचन एवं माता की आज्ञा शिरोधार्य कर वन-वन भटकने वाले प्रभु श्रीराम के आयोध्या लौटने पर जो हर्षोल्लास था, वैसे ही खुशी जिलेवासियों में दिखाई दे रही है। आस्था और भक्ति के भाव देख बरबस ही देश के प्रख्यात कवि पंडित रविद्रनाथ टैगोर की कालजयी कृति गीतांजलि की यह पंक्तियां याद आती है-
प्रभु तेरी प्रतीक्षा में जागते आंखे थक गई
तुझसे भेंट नहीं हुई, तब भी मैं तेरी राह देख रहा हूं्र
यह राह देखना भी मुझे प्रिय लगता है।
देश भर में प्रभु श्री रामलला प्राण-प्रतिष्ठा के लिए ऐतिहासिक उत्साह है, ऐसे संयोग विरले ही होते हंै। शबरी के मीठे बेर खाने वाले श्रीराम, माता अहिल्या को पत्थर होने के श्राप से मुक्त करने वाले श्रीराम और उनकी गाथाएं अक्षुण्य है। विषम परिस्थितियों को स्वीकार करना और उनसे राह बनाना प्रेरक एवं मार्गदर्शक है और राम-भरत मिलाप, जटायु पर कृपा, रामसेतु निर्माण, जैसे अनगिनत प्रसंग है, जो पथ प्रदर्शक हैं। राम-रावण युद्ध के परिपे्रक्ष्य में सुप्रसिद्ध कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला कालजयी की कृति राम की शक्ति पूजा के स्वर गूंज उठते हैं-
रवि हुआ अस्त, ज्योति के पत्र पर लिखा अमर
रह गया राम-रावण का अपराजेय समर
आज का तीक्ष्ण शर-विधृत-क्षिप्रकर, वेगप्रखर
शतशेलसम्वरणशील, नील नभगज्र्जित स्वर
प्रभु श्रीराम के शौर्य, शक्ति एवं साहस की ऐसी बानगी दूसरी नहीं है।
राजनांदगांव शहर में चारों ओर उत्साह और खुशहाली है। ऐसा लग रहा है, जैसे हमारा शहर अयोध्या हो गया है। कहीं दिया खरीदते लोग, तो कहीं प्रभात फेरी, कहीं मंदिर एवं देवालयों में घंटियों एवं प्रार्थना की मंगल ध्वनि सुनाई दे रही है। नन्हे बच्चे प्रभु श्रीराम, माता सीता एवं हनुमान की वेशभूषा एवं परिधान में नजर आ रहे हंै। बच्चों के साथ बड़े-बुजुर्ग सभी इस उत्सव में शामिल हो रहे हैं।
श्री राकेश ठाकुर ने बताया कि जिले में दिग्विजय स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। संस्कारधानीवासी विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ जुड़कर आयोजन कर रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। प्रभु श्रीराम हमारे अराध्य हैं। उन्होंने वनवासी, पिछड़े वर्ग सभी वर्ग को साथ लेकर चलने कि जो प्रेरणा दी है, आज के समय में इसकी नितांत आवश्यकता है। प्रभु श्रीराम के आगमन पर दिग्विजय स्टेडियम में 5 लाख से अधिक दीये प्रज्जवलित किए जा रहे हैं। संस्कारधानी में रामोत्सव को दीपोत्सव की तरह मनाया जाएगा। आम जनता की सहभागिता इसमें स्वमेव जुड़ते जा रही है। दीप प्रज्जवलन के माध्यम से प्रभु श्रीराम का सजीव चित्रण किया जाएगा एवं ओम की आकृति बनाई जाएगी। कार्यक्रम में भूतपूर्व सैनिक शामिल हो रहे हैं। दीपोत्सव के दौरान भव्य आतिशबाजी की जाएगी, जो आकर्षण का केन्द्र रहेगा। श्री अनिल तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने श्री रामलला दर्शन योजना अंतर्गत विशेषकर आर्थिक दृष्टिकोण से जरूरतमंद लोगों को ध्यान में रखकर यह योजना प्रारंभ की है, जो बहुत अच्छी योजना है। 55 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी और शासन द्वारा हितग्राहियों के आने-जाने का खर्च वहन किया जाएगा। उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्री प्रभाकर महोबिया ने कहा कि इस अयोजन में देश के साधु, संत, महात्मा से लेकर, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित आम जनता शामिल हो रही है। मुख्यमंत्री द्वारा अयोध्या में श्री रामलला मंदिर जाने के लिए नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। देश की संस्कृति को जाग्रत करने के लिए जो कार्य किया जा रहा है, इसकी उन्होंने प्रशंसा की। जलाराम मंदिर के पंडित श्री मनोज शांतिलाल शुक्ला ने बताया कि यहां प्रतिदिन प्रभात फेरी निकाल रहे हैं। शाम को भजन-कीर्तन किया जा रहा है। महिला मण्डली द्वारा प्रभु श्रीराम को हल्दी लगाने का कार्यक्रम रखा गया है। माता सीता के नाम से मेहंदी उत्सव का आयोजन भी किया जा रहा है। 22 जनवरी को भगवान श्रीराम का भव्य श्रृंगार किया जाएगा तथा उन्हें 56 भोग लगाकर अभिषेक किया जाएगा। महाआरती के साथ महाप्रसादी का आयोजन किया गया है। शाम को दीपोत्सव एवं आतिशबाजी होगी तथा संगीत भी होगा। श्री जैनम बैद ने घर-घर जाकर आमजनों को दीपोत्सव त्यौहार मनाने की अपील की। उन्होंने आशा नगर क्षेत्र में दिया, बाती, तेल एवं मिठाई वितरित किया। श्री श्याम निषाद ने बताया कि जयश्रीराम मंदिर में पोताई कर रहे हैं और यहां साफ-सफाई की जा रही है। श्री जय जायसवाल अगरबत्ती का उपहार दे रहे हैं।
श्री धरमराज यादव ने कहा कि मोदी जी की गारंटी अंतर्गत अयोध्या धाम जाने एवं प्रभु श्री रामलला दर्शन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की यह योजना बहुत अच्छी है। जिसमें प्रथम चरण में 55 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के श्रद्धालुओं को अयोध्या जाने का अवसर मिलेगा। छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है, इसलिए छत्तीसगढ़वासी भगवान श्रीराम के प्रति विशेष स्नेह एवं लगाव रखते हैं। श्रीमती दीपा गुरू ने कहा कि महिला मण्डली सुबह प्रभात फेरी निकाल रहे हंै। दीपावली की तरह चौक पूरना, रंगोली बनाना, दिया जलाना तथा प्रसाद बनाना है। श्रीमती अनुसुईया वर्मा ने कहा कि कहा कि हम सब घर-घर जाकर भगवान श्रीराम का गुणणान कर रहे हैं।

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