कम से कम अपनों की ही सुन लीजिए भूपेश बघेल: भाजपा

क्रेडा के पूर्व सदस्य ने पूर्व सीएम को पत्र लिखकर दी नसीहत

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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं लोकसभा चुनाव प्रबंधन समिति के प्रदेश संयोजक शिवरतन शर्मा ने कांग्रेस में फूटे एक और लेटर बम पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि – भूपेश बघेल, हमारी नहीं तो कम से कम अपनों की ही सुन लीजिए? आखिर इतनी हठधमिर्ता किस बात की है? हमें लगता हैं आप और आपकी कांग्रेस पार्टी को देश के लोकतंत्र, न्याय व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं पर रत्तीभर भी विश्वास नहीं रह गया है क्या? रोजाना आप और आपकी कांग्रेस पार्टी इन पर सवाल उठातीं रहतीं है।
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा कि जब-जब कांग्रेस पार्टी देश में चुनाव जीतती है तो ईवीएम ठीक रहती हैं और यदि चुनाव हार जाती हैं तो उस हार की ‌जिम्मेदारी न लेना पड़े ईवीएम पर ठीकरा फोड़ देते हैं इसे हार की बौखलाहट निकालना कहते हैं।‌ छत्तीसगढ़ में संपन्न हुए 2023 के विधानसभा चुनाव में जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया उसी के बाद से कांग्रेसी विचलित हो गये है। और अनर्गल टिप्पणियां करते हुए अपनी खीझ निकाल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जो खुद लोकसभा चुनाव लड़ने से बच रहे थे पार्टी ने राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र से उनको उम्मीदवार घोषित किया।‌ इसके बाद से ही उनकी उम्मीदवारी का विरोध शुरू हो गया है।
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा कि सबसे पहले कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में ही पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने भरे मंच से उनके कायर्काल और कार्यप्रणाली को लेकर जमकर खरी खोटी सुनाई। इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर यहां तक कह डाला कि भूपेश बघेल की उम्मीदवारी वापस होनी चाहिए क्योंकि उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और एफआईआर तक दर्ज हो चुकी है। कांग्रेस के एक महामंत्री ने भी पार्टी फंड का दुरुपयोग किए जाने का आरोप लगाते हुए हाई कमान को पत्र लिखकर अवगत कराया था। अब क्रेडा के पूर्व सदस्य ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर ये नसीहत दे डाली कि जब 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जनता ने बंपर बहुमत देकर सरकार बनाई तब ईवीएम ठीक थी, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बनी तब ईवीएम पर सवाल क्यों नहीं खड़ा किया गया?
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने भूपेश बघेल की उस नसीहत पर भी निशाना साधा कि ज्यादा से ज्यादा उम्मीदवार उतारे तो चुनाव ईवीएम से नहीं बैलेट पेपर से होगा।‌ कांग्रेस पार्टी में जब कोई निष्ठावान कार्यकर्ता, नेता आवाज उठाता है, तो उस पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर नोटिस जारी कर दिया जाता है । दरअसल सच्चाई तो कांग्रेस पार्टी को पसंद ही नहीं है। उसे तो केवल जी हुजुरी और चाटुकार, परिक्रमा करने वाले नेता और कार्यकर्ता ही पसंद है। कांग्रेस में एक के बाद एक लेटर बम का फूटना उनका अंदरुनी मामला हो सकता हैं परन्तु पार्टी फोरम से बाहर निकल कर जब बातें सार्वजनिक रूप से की जा रही है, तो निश्चित तौर पर यह दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी की हालत छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में पतली है।