
बिलासपुर: धीरज साहू हत्याकांड तीन दिनों में खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार | पुरानी रंजिश में हत्या
बिलासपुर जिले के कोटा में धीरज साहू की हत्या कर शव तालाब में फेंकने की वारदात का पुलिस ने तीन दिनों में खुलासा कर दिया। तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। रंजिश के चलते हत्या की गई थी।
पुरानी रंजिश में युवक की हत्या, तीन दिनों में पुलिस ने किया सनसनीखेज वारदात का खुलासा
बिलासपुर/कोटा।जिले के कोटा थाना क्षेत्र में घोरामार निवासी युवक धीरज साहू की हत्या कर उसके शव को तालाब में फेंकने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने मात्र तीन दिनों में खुलासा कर दिया है। पुरानी रंजिश के चलते की गई इस नृशंस हत्या में पुलिस ने दो आरोपियों — अनिल साहू और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू — को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
किस तरह हुआ हत्या का खुलासा
पुलिस ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण, लगातार पूछताछ और आरोपियों की गतिविधियों पर पैनी नजर ने इस जटिल मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जांच दल ने:
- क्षेत्र के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले
- हजारों मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया
- परिजनों, दोस्तों और परिचितों से गहराई से पूछताछ की
इसी प्रक्रिया में अनिल साहू और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू संदेह के घेरे में आए। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
हत्या की वारदात कैसे अंजाम दी गई
पुलिस के अनुसार, 30 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से सिविल साहू के प्लॉट के पास पहुंचे।
उन्होंने मोटर पंप निकालने का बहाना बनाकर धीरज को बाहर बुलाया और मौके पर चाकू से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने:
- शव में पत्थर बांधकर उसे बांधा तालाब में फेंक दिया
- वारदात में उपयोग किया गया चाकू,
- मृतक के कपड़े और मोबाइल फोन को कोरी डेम में फेंक दिया
7 दिसंबर को तालाब में मिला शव
लगातार खोजबीन के बीच 7 दिसंबर को ग्राम घोरामार के बांधा तालाब में एक युवक का शव संदिग्ध हालत में तैरता मिला। पहचान धीरज साहू के रूप में की गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि उसकी हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मर्ग को हत्या के अपराध में बदलकर तेजी से जांच आगे बढ़ाई।
गुमशुदगी की रिपोर्ट से शुरू हुई थी जांच
30 नवंबर की रात धीरज साहू पोल्ट्री फार्म में सोने गया था।
अगले दिन उसके परिवार वालों ने देखा कि वह वहां नहीं है और मोबाइल फोन भी बंद था।
कोई सुराग नहीं मिलने पर 1 दिसंबर को परिजनों ने कोटा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
यहीं से पुलिस ने जांच की दिशा बनाकर पूरी ताकत झोंक दी।
रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार आरोपी अनिल साहू और मृतक धीरज साहू के बीच पिछले लगभग एक वर्ष से विवाद चल रहा था।
इसी रंजिश में दोनों आरोपियों ने धीरज को रास्ते से हटाने की योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया।









