गुणवत्तायुक्त शिक्षा वर्किंग ग्रुप की द्वितीय बैठक हुई

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ग्लोबल स्किल पार्क, प्रशिक्षण संस्थाएं और विश्वस्तरीय प्रयोगशाला बनाने पर हुई चर्चा

विश्वव्यापी, समावेशी और न्यायसंगत शिक्षा पर जोर

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष अजय सिंह की अध्यक्षता में आज यहां नीति भवन नवा रायपुर में वर्किंग ग्रुप की द्वितीय बैठक हुई, जिसका उद्देश्य अमृत काल विजन डॉक्यूमेंट तैयार करना था। श्रम ग्रुप के सदस्यों ने बैठक में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। नीति आयोग के सदस्य सचिव अनूप श्रीवास्तव और सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने राज्य नीति आयोग द्वारा गठित कार्य समूह को अमृतकालः छत्तीसगढ़ विजन@2047 विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए बनाया गया विषय, जो “छत्तीसगढ़ सभी के लिए विश्व स्तरीय समुदाय आधारित शिक्षा और उच्च मांग कौशल प्रदान करेगा” था। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्यों, चुनौतियों और विभागीय लक्ष्यों पर बैठक में चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेन्द्र तिवारी भी बैठक में उपस्थित थे।

बैठक में विश्वस्तरीय, समावेशी और न्याय संगत शिक्षा पर जोर दिया गया, साथ ही राज्य में ग्लोबल स्किल पार्क बनाने पर भी चर्चा हुई।

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स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के संबंध में गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। उनका सुझाव था कि डाक्यूमेंट में समावेशी, नवोन्मेषी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा होनी चाहिए। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन ने भी विजन डॉक्यूमेंट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्किल पार्क बनाने से शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाया जा सकता है, जिससे युवा लोगों को उनकी क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा सकता है। बैठक में वर्किंग ग्रुप के अन्य सदस्यों ने भी अपने सुझाव दिए: समावेशी शिक्षा, मूल्य आधारित शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, जीवन को सक्षम बनाने की शिक्षा और परिणामउन्मुखी मूलभूत शिक्षा।

इस अवसर पर स्कूलों, उच्च विद्यालयों, तकनीकी शिक्षा, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, छत्तीसगढ़ कौशल विकास प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आईआईटी भिलाई, आईआईएम रायपुर और एनआईटी रायपुर के अलावा कई संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित हुए. परसंयुक्त संचालक डॉ. नीतू गौरडिया भी उपस्थित थे।