
गोवा मुक्ति दिवस से बंगाल-असम तक विकास का रोडमैप: पीएम मोदी का आत्मनिर्भर भारत संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा मुक्ति दिवस, WHO समिट, पश्चिम बंगाल में 3200 करोड़ की परियोजनाएं और असम के विकास कार्यक्रमों से राष्ट्र निर्माण का स्पष्ट संदेश दिया।
गोवा मुक्ति दिवस से लेकर बंगाल-असम तक विकास की धुरी: पीएम मोदी का राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भर भारत का संदेश
✍️ प्रदेश खबर | नई दिल्ली|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा मुक्ति दिवस, वैश्विक स्वास्थ्य सम्मेलन, पश्चिम बंगाल और असम के विकास कार्यक्रमों के जरिए एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार का एजेंडा राष्ट्रीय गौरव, समग्र विकास, आत्मनिर्भरता और सुशासन पर केंद्रित है। बीते 24 घंटों में प्रधानमंत्री के बयानों और कार्यक्रमों ने देश के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ते हुए विकास और राष्ट्र निर्माण की स्पष्ट तस्वीर पेश की है।
गोवा मुक्ति दिवस: साहस और बलिदान की स्मृति
गोवा मुक्ति दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह दिन भारत की राष्ट्रीय यात्रा का एक निर्णायक अध्याय है। उन्होंने उन वीर सपूतों को याद किया, जिन्होंने अन्याय को स्वीकार करने से इनकार किया और साहस व दृढ़ संकल्प के साथ स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि
“उनका बलिदान आज भी हमें प्रेरित करता है, जब हम गोवा के सर्वांगीण विकास और प्रगति के लिए कार्य कर रहे हैं।”
पीएम मोदी का यह संदेश केवल ऐतिहासिक स्मरण नहीं, बल्कि विकास के साथ विरासत को जोड़ने की सोच को भी दर्शाता है।
WHO ग्लोबल समिट: पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक मंच
प्रधानमंत्री मोदी ने आज द्वितीय WHO ग्लोबल समिट ऑन ट्रेडिशनल मेडिसिन के समापन समारोह में भाग लिया। इस वर्ष शिखर सम्मेलन का विषय रहा—
“Restoring Balance: The Science and Practice of Health and Well-being”।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां आज वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली का अहम हिस्सा बन रही हैं।
इस अवसर पर आयुष (AYUSH) सेक्टर से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलें भी लॉन्च की गईं, जिससे भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री का मानना है कि
- आयुर्वेद
- योग
- सिद्ध
- यूनानी
- प्राकृतिक चिकित्सा
न केवल भारत की विरासत हैं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का स्थायी समाधान भी हैं।
पश्चिम बंगाल दौरा: 3200 करोड़ की विकास परियोजनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 दिसंबर को पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे। वे नदिया जिले के राणाघाट में एक जनसभा में भाग लेंगे, जहां 3200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा।
इन परियोजनाओं में प्रमुख हैं—
- NH-34 के बाराजागुली–कृष्णनगर खंड का 66.7 किमी लंबा 4-लेन मार्ग
- बारासात–बाराजागुली खंड के 4-लेन विस्तार का शिलान्यास
इन परियोजनाओं से कोलकाता और सिलीगुड़ी के बीच संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और आम जनता को बड़ा लाभ मिलेगा।
राणाघाट में भाजपा रैली, टीएमसी पर तीखा हमला
दोपहर में प्रधानमंत्री मोदी राणाघाट में भाजपा की जनसभा को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि
“जहां एक ओर केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से पश्चिम बंगाल के लोग लाभान्वित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर टीएमसी की कुप्रशासन व्यवस्था ने हर क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया है।”
प्रधानमंत्री ने टीएमसी पर
- लूट
- भय
- भ्रष्टाचार
के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि
“इसी कारण भाजपा आज पश्चिम बंगाल के लोगों की उम्मीद बन चुकी है।”
पूर्वोत्तर पर फोकस: असम को बड़ी सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 दिसंबर को ही गुवाहाटी (असम) पहुंचेंगे। यहां वे लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री ने इसे असम के बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि
“बढ़ी हुई क्षमता से ‘Ease of Living’ बेहतर होगा और व्यापार एवं पर्यटन को नई गति मिलेगी।”
नया टर्मिनल असम को पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख एविएशन हब बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि
21 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी स्वाहीद स्मारक क्षेत्र पहुंचेंगे, जहां वे असम आंदोलन में बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
इसके बाद वे डिब्रूगढ़ के नामरूप में असम वैली फर्टिलाइजर एंड केमिकल कंपनी लिमिटेड (AVFCCL) के अमोनिया-यूरिया फर्टिलाइजर प्रोजेक्ट का भूमि पूजन करेंगे।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उर्वरक परियोजना
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परियोजना
- असम
- पूर्वोत्तर
- अन्य राज्यों
की उर्वरक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगी।
साथ ही यह उर्वरक आयात पर निर्भरता कम कर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना
- कृषि उत्पादन
- रोजगार
- औद्योगिक विकास
तीनों क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकती है।
स्पष्ट संदेश: विकास + विरासत + आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन सभी कार्यक्रमों और बयानों से यह संदेश साफ है कि सरकार—
- ऐतिहासिक बलिदानों को स्मरण करते हुए
- वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका मजबूत कर
- राज्यों में बुनियादी ढांचे का विस्तार करते हुए
- आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है
चाहे गोवा हो, बंगाल हो या असम— विकास को केंद्र में रखकर राष्ट्र निर्माण सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।









