डीएमएफ से 60 से अधिक नए स्कूल भवन और 10 पीएचसी में बाउण्ड्री-वॉल निर्माण स्वीकृत

डीएमएफ से 60 से अधिक नए स्कूल भवन और 10 पीएचसी में बाउण्ड्री-वॉल निर्माण स्वीकृत

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विद्यार्थियों को जर्जर स्कूल भवन से मिलेगी मुक्ति, विद्यार्थी एवं शिक्षक खुश

रायपुर// जिला खनिज निधि (DMF) खनन प्रभावित क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर सभी जिलों में डीएमएफ से लगातार स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा व्यवस्था एवं जनहित के कार्यों को कराने की पहल की जा रही है। इसी कड़ी में कोरबा जिला प्रशासन द्वारा जर्जर स्कूल भवनों का चिन्हांकन कर नए भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। कोरबा के कलेक्टर श्री अजीत वसंत द्वारा जिले में 60 से अधिक नए स्कूल भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्ष तथा जीर्णोद्धार कार्य के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही दस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बाउण्ड्री-वॉल निर्माण की भी मंजूरी प्रदान की गई है। कोरबा जिला प्रशासन द्वारा इस साल फरवरी माह में भी डीएमएफ से 88 नवीन स्कूल भवनों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। दूरस्थ, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जर्जर स्कूल भवनों के स्थान पर नए भवन बनने से स्कूल में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों सहित शिक्षकों की भी समस्याएं दूर होंगी।

डीएमएफ से कोरबा जिला प्रशासन द्वारा पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड के ग्राम जामपानी, पहाड़ी कोरवा बाहुल्य क्षेत्र ठिर्रीआमा, ग्राम मिसिया, जजगी, केरहरियापारा, अरसिया, झोंकापारा, पंथीपारा, मुकुवा, केसलपुर, सेनहा, पनगंवा, मांझापारा, सरभोका, मांझापारा-छागर थिला, जटगा, सासिन, कारीमाटी, जलके, पाली, मेरई, पतुरियाडाँड़, गिद्धमूड़ी, चोटिया, सिरमिना, पिपरिया और तुमान में नए स्कूल भवन की मंजूरी प्रदान की गई है। विकासखण्ड करतला के ग्राम खम्हारपारा, साजापानी, केनाभाठा, ठरकपुर, बड़मार, बैगापारा-घिनारा, ढिंटोरी, पकरिया, सेंदरीपाली, सिंधरामपुर, बोकरदा-बेहरचुआ, नवापारा, ठिठोली-चिचोली, पुरैना, पहाडग़ांव, बैगामार-चैनपुर, कथरीमाल, डोंगरापारा-जोगीपाली, मौहाडीह-खरवानी, और धनवारपारा-गिधौरी, पाली विकासखंड में ग्राम डूमरकछार, मांगामार, मादनपारा-मदनपुर, नुनेरा, रतखण्डी एवं अलगीडाँड़ तथा कोरबा विकासखंड के करमन्दी, गुरमा, बरीडीह, बलसेन्धा, बगबुड़ा और कटबितला में स्कूल भवन के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन स्वीकृतियों में ज्यादातर प्राथमिक स्कूल नवीन भवन (पुराने भवन का विनिष्टिकरण भी) शामिल हैं। कुछ गांवों में माध्यमिक शाला के लिए भवन, अतिरिक्त कक्ष, और प्रयोगशाला कक्ष के साथ ही जीर्णोद्धार कार्यों के लिए भी राशि मंजूर की गई है।

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नए भवन स्वीकृत होने पर विद्यार्थी और शिक्षक खुश

जिला प्रशासन द्वारा जर्जर हो चुके स्कूल भवनों के लिए नए भवन स्वीकृत किए जाने पर विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों में भी खुशी है। करतला विकासखण्ड के दूरस्थ ग्राम बैगापारा-घिनारा में भी डीएमएफ से प्राथमिक शाला भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। वहां 38 साल पुराने शीटयुक्त छत वाले भवन में प्राथमिक शाला का संचालन किया जा रहा है। दो कमरों में संचालित इस विद्यालय में 57 विद्यार्थी हैं। विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती शशिकला राठिया ने बताया कि यहां नए स्कूल भवन की सख्त आवश्यकता थी। जिला प्रशासन द्वारा नए भवन स्वीकृत किए जाने की सूचना मिली है। यह हमारे लिए खुशी की बात है। नए भवन बनने से विद्यार्थियों के साथ हमें भी राहत मिलेगी।

इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बनेगा बाउण्ड्री-वॉल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए डीएमएफ से 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों लेमरू, श्यांग, केराकछार, अजगरबहार, फरसवानी, लाफा, सपलवा, कोरबी, सिरमिना, लालपुर, माचाडोली, भैसमा, कुदमुरा, तिलकेजा, कोरकोमा, चिकनीपाली, सरगबुंदिया, कटघोरा ब्लॉक के चाकाबुड़ा, चैतमा, तुमान, कटोरीनगोई, पिपरिया और महोरा में आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है। कलेक्टर द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसमा, कोथारी, फरवानी, रामपुर, चाकाबुड़ा, उतरदा, पिपरिया, लालपुर, सिरमिना एवं तुमान में बाउण्ड्री-वॉल निर्माण की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के परिसर में आवास निर्माण होने से चिकित्सक सहित अन्य स्टॉफ आसानी से रूक पाएंगे। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बाउण्ड्री-वॉल बनने से मरीज और चिकित्सकीय स्टॉफ खुद को स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षित महसूस करेंगे।