कंकाल को मिला इंसाफ झारखण्ड में ही जन्मा था टोनही का शक…

कंकाल को मिला इंसाफ झारखण्ड में ही जन्मा था टोनही का शक…

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बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र के इदरिकला जंगल पहाड़ी पर जानकारी 2024 में पुलिस को कंकाल की सूचना मिली और झारखण्ड सरुवत निवासी रामलाल किसान ने दावा किया कि जानकारी 2024 से दो माह पहले उसकी 70 वर्षीय माता सुखनी गायब हैं यह कंकाल उसकी हो सकती हैं।

झारखण्ड से लगे छत्तीसगढ़ के इदरीकला पहाड़ी में कंकाल की बात आग की तरह फैल गई और कंकाल की पहचान के लिए पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने पर्याप्त सेम्पल कलेक्ट किए और जाँच के लिए भेजा, जाँच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि मिला हुआ कंकाल सुखनी का ही है पर एक सवाल यह भी खड़ा हो गया था कि सुखनी की मृत्यु यहाँ कैसे हुई। पुलिस इस बात को लेकर झारखण्ड जा कर पूछताछ करती रही पूछताछ में पताचला की सुखनी के पड़ोसी कपिलदेव नगेसिया पिता नन्हेसर नगेसिया और उसकी पत्नी बजंती पति कपिलदेव नगेसिया उस पर टोनही होने का शक किया करते थे पुलिस ने इनसे भी पूछताछ करने लगी तो अपनी बातों में फसते चले गए। पुलिस के सवाल जवाब में उलझ कर बजंती ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

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पुलिस को बजंती ने बताया कि एक के बाद एक उसके बच्चों की मौत हो गई उसके तीनो बच्चों की मौत अचानक-अचानक हो जाती थी जिससे उसे यह यकीन हो गया कि उन बच्चों की मौत जादू-टोने से होती हैं और उसे सुखनी करती हैं। बजंती को जब इस बात की जानकारी हुई कि सुखनी इदरीकला जाने वाली हैं तब बजंती भी निकल गई बजंती जब सुखनी को पहाड़ पर अकेली पाई तो उसने सुखनी के सिर पर पहले पत्थर से वार किया और फिर उसका गला दबा मार डाला, और अपने पति के साथ मिल कर शव को घटना स्थल से तकरीबन 100 मीटर की दूर पर झाड़ियों में छिपा दिया।

फोरेंसिक जाँच डीएनए टेस्ट एवं पूछताछ से सुखनी की मौत हत्या होना पाया गया और हत्या व साक्ष्य छुपाने के आरोप में बजंती और उसके पति कपिलदेव नगेसिया सरुवत झारखण्ड निवासी को हत्या व साक्ष्य छुपाने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालय पेस किया गया जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया।